ऊसराहार थाना क्षेत्र से अपहृत किसान 23 दिन बाद
बदमाशों को चकमा देकर भाग निकला। बीहड़ से भाग कर वह सीधे बकेवर थाने
पहुंचा और पुलिसकर्मियों को घटना बताई। किसान ने बताया की बदमाशों ने उसके
परिवार वालों से सात लाख रुपये की फिरौती भी मांगी थी।
बकेवर पुलिस ने ऊसराहार पुलिस को बुलाकर अपहृत को सौंप दिया। बुुधवार सुबह थाने पहुंचे अपहृत किसान सत्य नारायण पुत्र श्रीराम निवासी ग्राम कलारपुर थाना एरवाकटरा औरैया ने बताया कि 28 सितंबर को शाम करीब 7 बजे वह बाइक से भरथना जा रहा था।
उमरैन से ताखा के बीच मारुति वैन सवार बदमाशों ने उसे खींच लिया और पिटाई के बाद आंखों में पट्टी बांध दी। दो-तीन घंटे चलने के बाद उसे किसी अज्ञात स्थान पर जा कर उतारा और फिर आंखों की पट्टी खोल दी। सत्य नारायन ने बताया कि बीहड़ में बदमाश रोजाना जगह बदलते रहते थे।
बदमाशों ने उसके परिजनों से फोन कर सात लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। सत्य नारायण ने बताया कि मंगलवार को उसके साथ सिर्फ दो बदमाश ही थे। दोनों बदमाशों ने शराब पी और लेट गए। रात करीब 11 बजे उसने शौच लगने की बात कही तो बदमाशों ने कोई जवाब नहीं दिया।
दोनों बदमाशों को नशे में बेसुध देख उसने किसी तरह रस्सी खोली और पूरी रात भाग कर वह सुबह व्यासपुर गांव पहुंचा। वहां गांव वालों से पास का थाना पूछकर वह सीधे बकेवर थाने पहुंच गया। बकेवर थाना प्रभारी एके सिंह ने बताया की किसान के अपहरण का मामला ऊसराहार थाने में दर्ज है। ऊसराहार पुलिस को बुलाकर अपहृत को सौंप दिया गया है।