उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई में एमबीबीएस एवं पैरामेडिकल छात्रों के बीच हुआ मारपीट का मामला गरमाता जा रहा है। एक छात्रा ने कालेज के डीन, दो प्रोफेसर एवं करीब 200 से अधिक एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
यह रिपोर्ट मारपीट, जान से मारने की कोशिश, हास्टल में आगजनी करने, बलवा आदि धाराओं में दर्ज की गई है। मालूम हो कि मेडिकल कालेज में 15 अक्तूबर की रात पैरामेडिकल एवं एमबीबीएस छात्रों के बीच मारपीट हुुई थी। इसमें दो दर्जन से ज्यादा छात्र घायल हुए थे।
पैरामेडिकल छात्रों के हास्टल में तोड़फोड़ के बाद 25 अक्तूबर तक पैरा मेडिकल कालेज बंद कर दिया गया है। हास्टल खाली कराते हुए पैरा मेडिकल के छात्र-छात्राओं को घर भेज दिया गया। पैरामेडिकल कालेज के छात्र-छात्राओं ने सीएम आवास पर धरना दिया।
इस मामले में पहली रिपोर्ट कालेज पुलिस चौकी इंचार्ज अवधेश यादव ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने के आरोप में पैरामेडिकल एवं एमबीबीएस प्रशिक्षु डाक्टरों सहित 200-250 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। बुधवार को मैनपुरी जिले की करहल निवासी पैरा मेडिकल कालेज की रेडियोलॉजी विभाग की द्वितीय वर्ष की छात्रा माधुरी सिंह यादव ने सैफई कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसमें कालेज के डीन डा. केएम शुक्ला, प्रोफेसर डा. विकास सिंह, डा अरुण मिश्रा को नामजद करते हुए करीब सवा दो सौ एमबीबीएस छात्रों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस को दी तहरीर में माधुरी सिंह ने आरोप लगाया है कि डीन सहित दो अन्य डाक्टरों की अगुवाई में एमबीबीएस के करीब दो सौ से अधिक छात्रों ने पैरामेडिकल के हास्टलों में घुस कर सरिया, हथियारों से लैस होकर हमला बोला।
छात्र- छात्राओं के मोबाइल, लैपटॉप और नकदी लूट ली । हमलावरों ने पैआवासों में तोड़फोड़ कर यूनीफार्म जला दिए। महिला छात्रावास में घुस कर पथराव और दुर्व्यहार किया। सैफई एसओ रमेश यादव ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बलवा करने, मारपीट, जानलेवा हमला, हास्टल में आगजनी करने, दौड़ा- दौड़ा कर पीटने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
उधर डीन डा. केएम शुक्ला ने कहा कि उन्हें मामला दर्ज होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।