चौबिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव कीरतपुर में कर्ज में डूबे किसान की सदमे से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि एक तरफ कर्जे का बोझ और दूसरी तरफ झुलसा से बर्बाद हुई आलू की फसल से उन्हें गत शनिवार रात को अचानक दिल का दौरा पड़ा।
किसान को सैफई के मिनी पीजीआई ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया।
गांव कीरत पुर निवासी होम सिंह (50) पुत्र अतर सिंह के आठ बीघा जमीन है। इसमें चार बीघा में आलू की फसल व चार बीघा में लहसुन की फसल बोई थी। फसल के लिए उसने पूर्वांचल बैंक से एक लाख तीस हजार रुपये का कर्जा लिया था ।
इसके अलावा सहकारी समिति का भी उस पर बीस हजार रुपया बाकी था। उसने कुछ अन्य लोगों से भी कर्ज ले रखा था। फसल बोने के बाद उसने सोचा था उसकी अच्छी फसल होगी और वह कर्जा चुका देगा लेकिन बाद में आलू की फसल में झुलसा रोग लगने से बर्बाद हो गई। इससे वह परेशान हो गया।
उसे अपनी पुत्री की शादी की भी चिंता सता रही थी। इसी परेशानी के कारण उसे शनिवार की रात को अचानक दिल का दौरा पडा । हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें पीजीआई ले गए, जहां उनकी मौत हो गई।
मृतक के भतीजे गौरव ने बताया कि उनके परिवार में पुत्र नवनीत व पुत्री हर प्रीति है। एसओ चौबिया सतीश यादव ने बताया कि पीजीआई में होम सिंह की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया है।
उन्होंने बताया कि परिवार के लोग कर्ज होने के सदमे से अटैक की बात कह रहे है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सूचना मिलने पर बीजेपी नेता डॉ ब्रजवीर यादव परिजनों से मिले।
उन्हें सांत्वना दी और उपजिलाधिकारी सदर सिद्धार्थ से बात कर पीड़ित परिवार को आर्थिक सरकारी सहायता देने की मांग की। डॉ ब्रजवीर ने कहा कि सरकार के स्तर पर जो भी संभव मदद होगी वो मृतक किसान के परिवार को उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।