इटावा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत छह फरवरी को सामूहिक विवाह समारोह में 51 जोड़ों की शादी के एक महीने बाद दुल्हनों को 20-20 हजार रुपये के चेक दिए गए। दुल्हनों को रुपये और शौचालय न मिलने का मामला अमर उजाला ने 6 मार्च के अंक में ही प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर छपने के बाद प्रशासन ने आननफानन में दुल्हनों को 20-20 हजार रुपये के चेक पहुंचवा दिए। पिछली सरकारों में गरीब वर्ग लड़कियों की शादी के लिए 20 हजार रुपये देने की योजना थी। योगी सरकार ने इस योजना में संशोधन कर दिया। अब मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में प्रशासन की ओर से उनकी शादी कराई जाती है। शादी में जरूरी सामान भी दिया जाता है। शहर में 51 जोड़ों की शादी हुई थी। इसमें तीन मुस्लिम जोड़ों की भी शादी हुई थी। शादी में दुल्हनों को पायल और बिछिया भी दी गई थी। कुछ दुल्हनों ने नकली पायल और बिछिया देने की शिकायत भी की थी।
इस पर ठेकेदार ने घर जाकर बिछिया और पायल बदल दी है। बढ़पुरा ब्लाक की कांधनी की रहने वाली प्रभा कुमारी के पिता आशाराम ने बताया कि उन्हें समाज कल्याण विभाग की तरफ से 20 हजार रुपये की चेक मिली है जिसे वे बैंक में जमा कराने जा रहे हैं। भरथना की रहने वाली अंजली पुत्री मुंशीलाल ने बताया कि उन्हें भी 20 हजार रुपये की चेक दी गई है जिसे वह बैंक में जमा कराने जा रहीं है। समाज कल्याण विभाग के मोहम्मद सलीम ने बताया कि सभी दुल्हनों को विभाग की तरफ से 20 हजार रुपये का चेक पहुंचा दिया गया है। उन्होंने कहा कि बैंक में चेक जमा करने के बाद सभी के खातों में रुपये पहुंचा दिए गए हैं। दुल्हनों के बिछिया-पायल बदले जाने पर उन्होंने कहा कि अभी तक विभाग को तोड़ियो और बिछिया के नकली या मिलावटी होने की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत मिलती है तो संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ की तरफ से अभी तक दुल्हनों को शौचालय देने की पहल नहीं की गई है। इस पर जिला पंचायती राज विभाग के शशि प्रकाश ने बताया कि सामूहिक विवाह के दौरान जिन लड़कियों का विवाह इटावा जनपद के बाहर हुआ है उनके डीपीआरो से संपर्क किया जा रहा है। जिन लड़कियों की शादी शहरी क्षेत्र में हुई हैं उन्हें नगर पालिका के द्वारा शौचालय उपलब्ध कराया जाएगा। जबकि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली कन्याओं को शौचालय की राशि उपलब्ध कराई जा रही है।