ताखा क्षेत्र के दो गांवों में बुखार पीड़ित दो बच्चों की मौत हो गई। एक बच्चे के परिजन झोलाछाप के इलाज के चक्कर में पड़े रहे और स्वास्थ्य विभाग को सूचना नहीं दी। मृतक के भाई और बहन के भी बीमार होने की सूचना पर पहुंची टीम ने उनका उपचार शुरू किया है।
ऊसराहार थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पटियायत में कक्षा दो के छात्र निखिल कुमार (7) पुत्र अखिलेश कुमार निवासी कनकुआ एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने गांव में ही झोलाछाप डाक्टर से उसे दवा दिलाई। निखिल के बीमार होते ही उसके भाई अनिल और बहन रजनी को भी बुखार हो गया। झोलाछाप के इलाज से बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। इस पर पिता अखिलेश ने पैसों का इंतजाम कर शनिवार को किसी अस्पताल में दिखाने की तैयारी की। लेकिन सुबह निखिल का बुखार और तेज हो गया और उसकी मौत हो गई।
वहीं गांव कौड़िया के प्राथमिक विद्यालय कौड़िया की कक्षा चार की छात्रा कशिश (9) पुत्री चंद्रकेश मूल रूप से इटावा की रहने वाली थी। वह नाना जवाहरलाल के यहां रहकर पढ़ाई कर रही थी। उसे एक सप्ताह पहले बुखार आया तो गांव में दवा दिलाई। हालत खराब होने पर उसे सैफई रिम्स में भर्ती कराया गया। वहां भी हालत में कोई सुधार नहीं आया और शनिवार को उसकी मौत हो गई। बच्चों की मौत की सूचना पर सरसईनावर सीएचसी प्रभारी डाक्टर अवधेश यादव टीम के साथ गांव कनकुआ पहुंचे। वहां मृतक निखिल के बीमार भाई अनिल और बहन रजनी को देखा। उन्होंने बताया कि बच्चों को डेंगू नहीं है। झोलाछाप डाक्टर ने गलत दवा दी थी। अब पुरानी दवाओं को बंद कर दिया है। झोलाछाप डाक्टर को चिह्नित कर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।