भरथना (इटावा)। उप्र किसान सभा के महामंत्री मुकुट सिंह ने शुक्रवार को मंडी परिसर में धान की किसानों की समस्याओं को लेकर मंडी सचिव को ज्ञापन दिया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मांग की कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की गारंटी दे। घोषित समर्थन मूल्य पर खरीद न करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि केंद्रों पर यदि उनका धान न खरीदा जाए तो डीएम को घेरें। उन्होंने बताया कि 29 व 30 नवंबर को दिल्ली में किसान मुक्ति मोर्चा का मार्च होगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी क्रय केंद्रों पर किसान का धान नहीं खरीदा जा रहा है, जिससे उन्हें 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है। धान का मौजूदा समर्थन मूल्य भी नाकाफी है। स्वामीनाथन आयोग के अनुरूप सामान्य धान की सरकारी कीमत 2340 रुपये प्रति क्विंटल होनी चाहिए, जिसे देने का वादा भी मोदी सरकार ने किया था। वहीं बासमती, पी-10 आदि अच्छे व पतले धान का भाव 4000 से 5000 रुपये क्विंटल मिलना चाहिए।
प्रांतीय महामंत्री मुकुट सिंह ने कहा कि डीएम की दिलचस्पी धान केंद्रों पर खरीद शुरू कराने और समर्थन मूल्य लागू कराने के बजाय खेतों में बचे धान के डंठल जलाने पर जुर्माना और जेल की धमकी देने में ज्यादा है। देश के 200 किसान संगठन संयुक्त रूप से 29-30 नवंबर को दिल्ली में किसान मुक्ति मोर्चा में मार्च करेगें। उन्होंने मांग की कि कृषि संकट पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए। इसके अलावा फसलों की लागत का डेढ गुना दाम, खरीद की गारंटी, किसानों की कर्जामुक्ति, सभी को रोजगार, सभी को सस्ता राशन, फ्री इलाज, शिक्षा, 5000 रुपये प्रति माह किसान पेंशन, कारगर फसल बीमा, ठेका खेती और कृषि क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई की वापसी, पशु व्यापार पर पाबंदियां हटाने, आवारा पशुओं से फसल बचाने, महंगाई व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने जैसे मुद्दों को लेकर मार्च किया जाएगा।
मांग पत्र देने वालों में अमर सिंह, रामप्रकाश, अनिशल दीक्षित, शिवराम सिंह, आपेन्र कुमार, रामकृष्ण, दुर्गविजय, सुरेश सिंह, रामऔतार सहित अन्य किसान नेता शामिल रहे।
-किसान सभा ने किसानों की समस्याओं को लेकर दिया ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो