इटावा। गुरुद्वारा श्री गुरुतेग बहादुर साहिब में शुक्रवार को सर्वधर्म के अग्रदूत मानवता के उपासक गुरुनानक देव जी का प्रकाशोत्सव बड़ी श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। गुरु पर्व पर गुरुद्वारा में सुबह से ही माथा टेकने वाले भक्तों, महिलाओं एवं बच्चों का तांता लगा रहा। इस मौके पर सभी समुदायों के लोगों ने गुरुद्वारा आकर लंगर खाया और माथा टेककर आपसी भाईचारे पर एकता का संदेश दिया।
गुरुद्वारा में लंगर की सेवा गुरुमुख सिंह अरोरा, चरनजीत सिंह, काका जसवीर सिंह, दलजीत सिंह आदि ने संगत के साथ मिलकर की। गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी राजेंदर सिंह व साथियों ने कीर्तन तथा अन्य विद्वानों,कथा वाचकों ने प्रवचन द्वारा संगतों को निहाल किया। इस मौके पर गुरुद्वारा कमेटी श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा समिति प्रचार सभा के अध्यक्ष हरजीत सिंह कालड़ा ने कहा कि गुरुनानक साहिब ने मनुष्य के लिए समानता का रास्ता बनाया।
गुरु साहिब ने संगत व पंगत की परंपरा को चलाकर मानवता को एकता व बराबरी का प्रचार किया और गुरुग्रंथ साहिब में अंकित किया। रात्रि दीवान का संचालन खंजाची तरनजीत सिह ने किया। दीवान समाप्ति पर फूलों की वर्षा के साथ आरती करते हुए गुरुनानक जी की जय-जयकार की गई। बच्चों को गुरुवाणी का पाठ करने पर पुरस्कृत किया गया। अखंड पाठ करने वाले दस परिवारों को गुरुद्वारा के खंजाची तरनजीत सिंह ने सिरोपा देकर सम्मानित किया। रात्रि में आतिशबाजी की गई। नगर कीर्तन शोभायात्रा 22 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
गुरु पर्व के अवसर पर सिंधी कालोनी स्थित झूलेलाल मंदिर में महिला मंडल ने सुबह भजन-कीर्तन हुआ, जिसमें रेनू बुलानी, लता बुलानी, लक्ष्मी,राधा, भव्या, सिमरन भोजवानी, राजी, ममता आदि शामिल रहीं। दोपहर में भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिंधी समाज के अध्यक्ष लाली भाई ने बताया कि भंडारे का आयोजन भोजवानी परिवार की ओर से किया गया, जिसमें फत्तूराम भोजवानी, पेसूराम भोजवानी, राजेश भोजवानी, पं.राज कुमार शर्मा, पप्पन सिंधी, जेमू, किशन बुलानी, नानक चंद्र बुलानी, गोल्डी, हरि बुलानी, भगवान दास दुलानी, जय कुमार छुंगानी के अलावा सिंधी समाज शामिल रहा।
-सभी समुदाय के लोगों ने गुरुद्वारे में छका लंगर और टेका माथा
अमर उजाला ब्यूरो