सैफई। सैफई आयुर्विज्ञान विवि में मनमानी कर रहे एंबुलेंस चालकों पर प्रशासन और परिवहन विभाग ने शनिवार दोपहर बड़ी कार्रवाई की। अनफिट 19 वाहनों को सीज करने के साथ ढाई से अधिक का जुर्माना भी लगाया है।
सैफई मेडिकल कॉलेज में निजी एंबुलेंस संचालकों का रैकेट मरीजों के साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ था। इसकी कई बार शिकायत करने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एंबुलेंसों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। साथ ही प्रशासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। इसे लेकर अमर उजाला ने भी 29 नवंबर निजी एंबुलेंस चालक करते मरीजों के इलाज का सौदा शीर्षक एवं 14 दिसंबर को निजी एंबुलेंस चालक मरीजों को बना रहे ग्राहक...शीर्षक से खबरों को प्रकाशित किया था।
इसका संज्ञान लेते हुए शनिवार को एसडीएम सुधांशु श्रीवास्तव और एआरटीओ ब्रजेश कुमार के नेतृत्व में संयुक्त टीम बनाकर छापेमारी की गई। एआरटीओ ने 19 एंबुलेंसों के प्रपत्र न होने, अनफिट होने पर सीज कर दिया। वहीं करीब 255000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कार्रवाई से क्षेत्र में खलबली मची रही। एसडीएम ने हिदायत दी कि यदि अब अनाधिकृत एंबुलेंस चालकों ने डेरा डाला तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने की हुई थी शिकायतें::::
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से लगातार मरीजों की ओर से शिकायतें की जा रही थीं। इसमें बताया जा रहा था कि निजी एंबुलेंस संचालक मरीजों को मेडिकल कॉलेज लाने के दौरान या दरवाजे पर ही पकड़कर उसकी अव्यवस्थाओं के बारे में जानकारी देते हुए निजी अस्पताल ले जाने की सलाह देते थे। ऐसे में मरीज कई मरीज भ्रमित होकर आगरा, कानपुर के निजी अस्पताल चले भी जाते थे। वहां पर उनसे इलाज के नाम पर बड़ी वसूली होती थी और इसके ऐवज में एंबुलेंस संचालक मोटा कमीशन लेते थे।
वर्जन
सैफई मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से शिकायत की गई थी। इस पर शनिवार को छापेमारी कर 19 एंबुलेंसों को सीज किया है। साथ ही ढाई लाख से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। -ब्रजेश यादव, एआरटीओ