अमर उजाला ब्यूरो
भरथना।
थाना क्षेत्र के मल्हौसी गांव में परीक्षा में कम नंबर आने के डर से किशोर ने सोमवार देर रात फांसी लगा ली। शव के पास सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव निवासी हरगोविंद तिवारी उर्फ संजय का बेटा रजत तिवारी(13) नगर के शुक्ला गंज स्थित स्कूल में कक्षा सात छात्र था। त्रैमासिक परीक्षा में कम अंक आने पर वह परेशान था। उसे डर था कि अर्धवार्षिक परीक्षा में भी उसके कम अंक आएंगे। इसी भय से उसने फांसी लगा ली। घटना के समय वह घर पर अकेला था। बड़ा भाई शिवम में खेतों पर था और मां-बाप लखनऊ गए थे। खेत से लौटने पर शिवम ने पिता को सूचना दी।
पिता ने बताया कि वह पत्नी ममता देवी के कैंसर के इलाज के लिए लखनऊ दवा लेने गए थे। रात करीब आठ बजे उनकी रजत से बात हुई थी। इसके कुछ समय बाद ही उसने खुदकुशी कर ली। मंगलवार सुबह शव का अंतिम संस्कार किया गया। एसएसपी के आदेश पर एसडीएम, राजमणि मिश्रा, सीओ विकास जायसवाल, तहसीलदार भरथना जयकरन व एसएसआई गुलाब सिंह ने दफनाए गए शव को निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इंसेट
पढ़ाई की वजह से कर रहा हूं आत्महत्या...
मम्मी पापा मैं अपनी मौत का खुद जिम्मेदार हूं। मुझे माफ करना। मैं अपनी मौत पढ़ाई की वजह से कर रहा हूं, क्योंकि मेरे पेपर चल रहे हैं। मेरे स्कूल में 7, 8 तारीख को पैरेंट्स मीटिंग होगी। और मेरे कम नंबर आएंगे। मैं आपको दुबारा नहीं मिलूंगा। इसलिए मैंने आपको फोन किया था। मैं मरने से पहले अपने मम्मी पापा से बात कर लूं। मैं तो आपके लखनऊ जाने से पहले स्कूल भी नहीं जाना चाहता था। ताकि आप दोनों को एक बार देख लूं।
- कम नंबर आने के डर से किशोर ने दी जान
- भरथना के मल्हौसी गांव का मामला, शव के पास मिला सुसाइड नोट
फोटो नंबर 22 - किशोर रजत तिवारी का फाइल फोटो
फोटो नंबर 23- भरथना के मल्हौसी में किशोर की मौत पर रोते पिता हरगोविंद तिवारी।