इटावा। शीत ऋतु में कोहरा के न छाने से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। इसको लेकर किसानों में निराशा छायी हुई है। सरसों की फसल कोहरा न छाने से भरपूर पैदावार देगी। ऐसी किसानों को उम्मीद है।
शीत ऋतु में रबी की फसल के तहत किसानों ने खेतों में आलू गेहूं और सरसों की फसल को बोया हुआ है। सर्दी ज्यादा होने पर गेहूं की फसल अधिक पैदावार उत्पन्न करती है। अभी तक मौसम में किसी भी दिन कोहरा नहीं छाया है। कोहरा के छाने के कारण किसानों में निराशा है। क्योंकि कोहरा का संबंध सीधे तौर पर गेहूं की फसल को प्रभावित करता है। कोहरा अधिक होने से गेहूं की पैदावार बढ़ती रही है। वहीं, दूसरी तरफ ताखा क्षेत्र में देखा जाए तो किसानों ने सरसों की फसल को भी बड़े क्षेत्र में बोया हुया है।
बम्हनीपुर गांव के किसान पप्पू तिवारी बताते हैं कि उन्होंने दस बीघा भूमि में सरसों की फसल की है जबकि दस बीघा में गेहूं बोया हुया है। एक की पैदावार ज्यादा होगी जबकि एक की कम इसलिए नुकसान और फायदा बराबर रहेगा। नगरिया निवासी पद्म चंद बताते हैं कि आठ बीघा में गेहूं की फसल है शीत ऋतु में भी कोहरा नहीं छाया है।
इससे फसल को नुकसान होगा। शासन को इसके लिए सोचना चाहिए कि किसानों को उपज का मूल्य मिल सके। कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह यादव का कहना है कि गेहूं की फसल के लिये कोहरा जरूरी है, लेकिन इस बार कोहरा नहीं पड़ा। इससे समस्या बन सकती है।