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डिग्री शिक्षकों की सेवानिवृति आयु 65 वर्ष हो

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यूजीसी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और पिछले छठवें वेतन आयोग ने डिग्री शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष से 65 वर्ष बढ़ाने की संस्तुति की थी, लेकिन अभी तक उप्र में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है।
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राज्य विश्वविद्यालय में डिग्री शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष ही निर्धारित है। देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पहले से शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष चली आ रही है। डिग्री शिक्षकों ने उप्र सरकार से सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग की है।


वीजीपीजी कॉलेज दिबियापुर की टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. डीसी विश्नोई, पूर्व प्राचार्य डॉ. डीपी सिंह जनता कॉलेज अजीतमल के पूर्व प्राचार्य डा.ॅ एके दुबे, फिजिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश दीक्षित, जनता कॉलेज बकेवर के केमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. एस एन राम केकेपीजी कॉलेज इटावा की हिंदी विभागाध्यक्ष, डॉ. सुनीता तिवारी ने बताया कि डिग्री शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष किए जाने के संबंध में उप्र के राज्यपाल राम नाईक द्वारा मुुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद उम्मीदें बढ़ी हुई हैं।
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हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने कई बार सार्वजनिक सभाओं में इस प्रकरण पर शीघ्र निर्णय का आश्वासन दिया है।

उन्होंने बताया कि बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड में डिग्री शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित है जबकि छठवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू करते समय यूजीसी ने समस्त प्रदेशों को सेवानिवृत्ति आयु 62 से 65 वर्ष सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया था। इसलिए उप्र राज्य विवि के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को शीघ्र पूरा किया जाए।
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