इटावा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे जमीन अधिग्रहण में किसानों से साठगांठ कर अधिक मुआवजा हड़पने की कोशिश करने के आरोपी लेखपाल तबादले के बाद भी तहसील क्षेत्र में जमे हुए हैं।
ताखा तहसील में बुंदेलखंड एक्सप्रेस- वे के जमीन अधिग्रहण में कुदरैल गांव के किसान से मिलकर उसे एक कमरे की जगह दो का मुआवजा दिलवाने के आरोपी लेखपाल को उपजिलाधिकारी ताखा सत्यप्रकाश ने निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद एक्सप्रेस-वे से जुड़े हुए कामों को आरोपी लेखपाल से ही कराया जा रहा है। जिसकी शिकायत भाजपा नेताओं ने अपर जिलाधिकारी से की। इस पर उक्त लेखपाल का तबादला चकरनगर तहसील में कर दिया गया।
ग्राम मुर्चा के किसान धनीराम, राकेश जाटव तथा सोनेलाल जाटव ने किशनी-ऊसराहार सड़क मार्ग पर करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने का आरोप एक दबंग पर लगाया था। आरोप था कि कि लेखपाल की शह पर ऐसा किया गया। इसके अलावा भी अनेकों शिकायतें इन दोनों लेखपालों के खिलाफ हैं। ये लेखपाल लंबे समय से कार्यरत हैं। आरोपों के बाद दोनों लेखपालों की शिकायत भाजपा के स्थानीय नेताओं ने अपर जिलाधिकारी करने पर तबादला कर दिया गया। बावजूद दोनों लेखपालों से किसान सम्मान निधि योजना और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जुड़े बैनामों का काम कराया जा रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी ताखा सत्यप्रकाश का कहना है कि कि दोनों लेखपालों के तबादले का आदेश आ चुका है जल्द ही उन्हें कार्य मुक्त कर दिया जाएगा।