इटावा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के हजारों किसानों के लिए जरूरी खबर है। बीते माह जहां 1.95 लाख किसानों के खातों में 22वीं किस्त भेजी गई थी, वहीं डेटा विसंगतियों के चलते 14,167 किसानों की किस्त रोक दी गई है। कृषि विभाग ने इन किसानों को अपनी खामियां सुधारने के लिए 30 अप्रैल तक का अंतिम समय दिया है। यदि तय तिथि तक दस्तावेज अपडेट नहीं हुए, तो आगामी 23वीं किस्त से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
जिले के जिन 14,167 किसानों की 22वीं किस्त रुकी थी। उनमें वरासत का गलत विवरण 2,676 किसानों की भू-धारक संबंधी जानकारी पोर्टल पर सही ढंग से दर्ज नहीं है। वहीं 1,861 किसान ऐसे पाए गए हैं, जहां एक ही भूमि पर पूर्व और वर्तमान दोनों भू-स्वामी योजना का लाभ उठा रहे थे। 9,630 लाभार्थी ऐसे हैं जिन्हें एक फरवरी 2019 के बाद भूमि वरासत के बजाय अन्य माध्यमों (जैसे खरीद-फरोख्त) से प्राप्त हुई है, जो योजना की पात्रता शर्तों के रडार पर हैं।
उप कृषि निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि जिन किसानों की 22वीं किस्त रुक गई थी, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। प्रभावित किसानों को अपने जमीन के कागजात, आधार और बैंक संबंधी विवरण 30 अप्रैल तक कृषि कार्यालय या संबंधित पोर्टल पर अपडेट कराने होंगे। यदि निर्धारित समय में दस्तावेज दुरुस्त नहीं किए गए, तो उनकी अगली 23वीं किस्त भी रोक दी जाएगी।