इटावा। बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य न करने वाले अनुपस्थित प्रधान परीक्षकों एवं परीक्षकों का डीआईओएस ने वेतन रोक दिया है। अनुपस्थित प्रधान परीक्षकों की संख्या 62 तथा परीक्षकों की संख्या 672 है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है ऐसे शिक्षकों को कार्यमुक्त कर उन्हें अवगत कराएं। साथ ही शिक्षकों को 12 मार्च को मूल्यांकन केंद्र पर उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रधान परीक्षकों और परीक्षकों की अनुपस्थिति की वजह से मूल्यांकन कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। निर्धारित समय सीमा के अंदर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य कराया जाना है। जीआईसी में हाईस्कूल की 235883 उत्तर पुस्तिकाओं का तथा एसडी इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की 96193 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य होना है। ऐसी स्थिति को देखते हुए मूल्यांकन कार्य के चार दिन बीतने के बाद डीआईओएस ने अनुपस्थित प्रधान परीक्षकों और परीक्षकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
गत आठ मार्च से राजकीय इंटर कालेज पर हाईस्कूल की तथा सनातन धर्म इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। 23 मार्च तक चलने वाले मूल्यांकन कार्य के लिए जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर परिषद की ओर से 92 प्रधान परीक्षक नियुक्त किए गए थे, इनमें से पहले दिन से ही 57 प्रधान परीक्षक मूल्यांकन कार्य में लगे हैं। 35 प्रधान परीक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थिति ही दर्ज नहीं कराई। इसी प्रकार 901 परीक्षकों में से 411 परीक्षक ही मूल्यांकन कार्य में लगे हैं।
एसडी इंटर कालेज में चल रहे मूल्यांकन कार्य के लिए परिषद की ओर से 49 प्रधान परीक्षक नियुक्त किए गए थे, जिनमें से 27 ही मूल्यांकन कार्य कर रहे हैं और 22 अनुपस्थित चल रहे हैं। इसी प्रकार 412 परीक्षकों में से 230 परीक्षक ही मूल्यांकन कार्य कर रहे हैं जबकि 182 परीक्षक अनुपस्थित चल रहे हैं। डीआईओएस के निर्देश का शिक्षकों पर कितना असर पड़ा यह मंगलवार को देखने को मिलेगा।