अमर उजाला ब्यूरो
ऊसराहार।
17 सौ करोड़ रुपये की लागत से बने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर बनी सड़क भारी वाहनों के चलने से पहले ही उखड़ने लगी। चोरी छुपे मशीनें लगाकर पैच वर्क के सहारे सड़क को तैयार किया जा रहा है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर इटावा के चौबिया क्षेत्र से कन्नौज तक लगभग 60 किलोमीटर का 1700 करोड़ रुपये की लागत से एक्सप्रेस-वे को बनाने वाली एनसीसी कंपनी अभी काम पूर्ण रूप से कर भी नहीं पाई है। असलियत में तो एक्सप्रेस-वे पर अभी तक भारी वाहनों की आवाजाही बंद है। इसके बाद भी पिछले कई माह से किसी स्थान पर सड़क धंसने, किसी जगह पुल के नीचे जगह-जगह से गिट्टी टूटने और कई जगह किनारों की मिट्टी धसकने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। इटावा-बरेली मार्ग पर चौपुला के पास बने कट को बंद करने का एक कारण भी सड़क का धसकना माना जा रहा है। तीन-चार दिन पहले अचानक भरतिया चौराहे से उमरैन की ओर जा रहे एक्सप्रेस-वे पर लगभग 500 मीटर तक जगह-जगह सड़क उखड़ गई। इसकी सूचना जैसे ही सौरिख में बनी एनसीसी कैंप पर पहुंची तो कर्मचारियों के हाथ पैर फूल गए। इसकी चर्चा सरेआम न हो जाए इसलिए चोरी छुपे शुक्रवार को मशीनों को लाकर पैच वर्क युद्ध स्तर पर किया गया। इससे एक सप्ताह पहले भरतिया चौराहे से चौपुला की ओर जाने वाले मार्ग पर रिपेयरिंग का कार्य किया गया। इतना ही नहीं कुछ दिन पहले ही बनी हरदू के पास भी एक पुल के निचले हिस्से पर कई जगह से एक फीट गहरी तक आरसीसी गिट्टी टूट कर नीचे गिर पड़ी थी। जिसे पैच वर्क के सहारे जोड़ दिया गया। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नीरज ने बताया कुछ मीटर सड़क पर रिपेयरिंग का कार्य मेंटेनेंस के तहत किया जा रहा है।
- भारी वाहनों के बोझ से उखड़ने लगा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे
- चोरी छुपे मशीनें लगाकर किया जा रहा है पैच वर्क
फोटो नंबर 11- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की सड़क उखड़ने के बने निशान
फोटो नंबर 12 एवं 13- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पेंच वर्क करते मजदूर एवं मशीनें