अमर उजाला ब्यूरो
बकेवर।
महेवा ब्लॉक प्रमुख के विरुद्ध हुए अविश्वास प्रस्ताव के मतदान को लेकर अब आठ नवंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हाईकोर्ट अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित कुछ कागजात तलब किए हैं।
महेवा ब्लॉक के सपा के ब्लॉक प्रमुख प्रमोद यादव के विरुद्ध भाजपा नेता गोविंद त्रिपाठी की इकनौर की बीडीसी पत्नी रीना त्रिपाठी ने 60 बीडीसी सदस्यों के शपथ पत्रों के साथ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। जिस पर 30 अक्तूबर को महेवा ब्लॉक में मतदान हुआ था। मतदान में 105 बीडीसी सदस्यों में से 70 बीडीसी सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान किया था। महेवा ब्लॉक में कुल 106 बीडीसी सदस्य हैं। एक बीडीसी सदस्य डॉ. समीर त्रिपाठी ने 27 अक्तूबर को स्तीफा दे दिया था। जिसके कारण 105 बीडीसी सदस्य रह गए हैं।
मतदान के दिन ही हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई भी। हाईकोर्ट ने मतगणना पर रोक लगा दी। अविश्वास प्रस्ताव में पड़े मतों की गणना पर अगली सुनवाई तक रोक लगी है। अब लोगों को महेवा ब्लॉक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आठ नवंबर को हाईकोर्ट की सुनवाई का इंतजार है। सपा ब्लॉक प्रमुख के द्वारा उच्च न्यायालय में समय न दिए जाने को लेकर अधिकारियों को पार्टी बनाया था। जिस पर अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित फाइल को हाईकोर्ट ने अधिकारियों को तलब किया है। पिछली बार 30 अक्तूबर को हुई सुनवाई में डीपीआरओ इटावा डीएम की ओर से हाईकोर्ट गए थे।
- अविश्वास प्रस्ताव पर आठ को हाईकोर्ट में सुनवाई
- महेवा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ 70 सदस्यों ने किया मतदान
- हाईकोर्ट ने मतगणना पर रोक लगा दी थी