इटावा। पुराना शहर स्थित करनपुरा में टीले पर बने मकानों को काफी खतरा है। बारिश में टीले के किनारे बने एक मकान की दीवार ढह भी गई है। इसके साथ ही कई मकान खतरे की जद में हैं। इससे लोगों में दहशत है। लोगों का आरोप है कि टीले के निचले हिस्से में कुछ लोगों ने कब्जे के लिए खुदाई कर दी है।
इसी वजह से ऊपरी हिस्से के मकानों पर खतरा बढ़ रहा है। पीड़ित लोगों ने गुरुवार को डीएम से भेंट कर अपने समस्या बताई। मांग किया कि टीले के निचले हिस्से को खसाए जाने पर रोक लगाई जाए। साथ ही गिरी दीवाल का मुआवजा दिया जाए।
करनपुरा का एक बड़ा हिस्सा टीले पर बसा है। ऊंचाई पर ही लोगों के मकान बने है। मकानों के पीछे के स्थल में बहुत बड़ा खार था। धीरे-धीरे खार में लोगों ने खेती करनी शुरू की। खार से लगे टीले को भी खसाना (खोदना) शुरू कर दिया। यही नहीं लोगों खारे के जरिये टीले के निचले हिस्से को खसाकर घर भी बनवा लिए।
इस प्रक्रिया में ऊपरी हिस्से पर बने मकान टीले के किनारे हिस्से में आ गए। लिहाजा उनको खतरा उत्पन्न हो गया। विगत दिनों हुई बारिश में करनपुरा निवासी रामनरेश कश्यप के मकान की टीले के किनारे की ओर की दीवार ढह गई। हालांकि दीवार ढहने में मकान में रह गए लोग बाल-बाल बच गए। मकान में बने शौचालय व बाथरूम के साथ साथ आंगन भी क्षतिग्रस्त हो गया।
इस हादसे के बाद से टीले पर किनारे बने मकानों में रहने वाले कृष्णमोहन दीक्षित, बजरंग सिंह चौहान, संजीव श्रीवास्तव, हीरालाल जैन, अनिल जैन, राजवीर सिंह भदौरिया, विनोद कश्यप, राजू पांडेय आदि है। इन लोगों ने गुरुवार को डीएम से भेंट कर अपनी समस्या बताई और ज्ञापन देकर मांग की टीले के नीचे हिस्से खसाए जाने पर रोक लगाएं।
-बारिश के चलते एक घर की दीवार ढही
-टीले के निचले हिस्से में खुदाई के कारण बने ये हालात
अमर उजाला ब्यूरो