निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण से जिला औद्यानिक मिशन योजना वर्ष 2015-16 की कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें निजी क्षेत्र में बीज उत्पादन कार्यक्रम के लिए 10 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
इस कार्यक्रम में प्रति हेक्टेयर 35 प्रतिशत अधिकतम 12,250 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। नवीन उद्यान स्थापना के तहत अमरूद 20 हेक्टेयर एवं किन्नों (संतरा) 20 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिसमें क्रमश: 11,502 रुपये और 12,002 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान देय है। इसी प्रकार कई अन्य योजनाएं भी हैं।
इनका लाभ लेने के लिए लाभार्थी चयन प्रक्रिया प्रारंभ शुरू हो गई है। यह जानकारी जिला उद्यान अधिकारी धर्मपाल यादव ने दी। उन्होंने यह भी बताया कि पुष्प उत्पादन कार्यक्रम के तहत गेंदा आठ हेक्टेयर, कट फ्लावर, रजनीगंधा 15 हेक्टेयर एवं ग्लेडियोलस पांच हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिसमें 40 प्रतिशत अधिकतम क्रमश: 16,000, 40,000 एवं 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा।
मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत लहसुन 25 हेक्टेयर, प्याज 25 हेक्टेयर एवं मिर्च 20 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें 40 प्रतिशत अधिकतम 12,000 रुपये का अनुदान प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि ग्रीन हाउस कार्यक्रम के तहत प्रति वर्गमीटर 467.5 रुपये का अनुदान दिया जाना है। यह कार्यक्रम परियोजना आधारित है। एक किसान 1000 वर्ग मीटर से 4000 वर्ग मीटर तक अनुदान ले सकते हैं।
एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 70 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें 30 प्रतिशत अधिकतम 1200 रुपये का प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। एचडीपीई वर्मी वैड 40 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें 50 प्रतिशत अधिकतम 8000 रुपये का प्रति यूनिट अनुदान दिया जाएगा।
ट्रैक्टर 20 बीएचपी से कम क्रय करने पर लागत का 35 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 1,00,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। सामान्य कृषकों को लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम 75,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
पावर ट्रिलर 8 बीएचपी से कम अनु. जाति/महिला कृषकों हेतु क्रय करने पर लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 50,000 रुपये, पावर ट्रिलर 8 बीएचपी से कम सामान्य कृषकों को लागत का 40 प्रतिशत अधिकतम 40,000 पावर ट्रिलर 8 बीएचपी से ऊपर अनुसूचित जाति/महिला/लघु सीमान्त कृषकों के लिए लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 75,000 पावर ट्रिलर 8 बीएचपी से ऊपर सामान्य कृषकों के लिए लागत का 40 प्रतिशत अधिकतम 60,000 रुपये अनुदान दिया जाएगा।
इसके अलावा औद्यानिक मिशन से लाभान्वित कृषकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए लाभार्थी चयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। पात्रता के लिए किसान होने का साक्ष्य, किसान जोतवही और कार्यक्रम लेने का साक्ष्य 10 रुपये के नॉन ज्यूडीशियल स्टांप पर अनुबंध पर लिया जाएगा।