एटा। शहर में जीटी रोड स्थित खेमका पेट्रोल पंप पर 17 मई 2022 को शीतलपुर के युवक का शव केबिन में लटका मिला था। भाई ने तीन लोगों को नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस की जांच में आत्महत्या होनी की बात सामने आई है। इसका एसएसपी ने खुलासा किया है।
एसएसपी उदय शंकर सिंह ने पुलिस लाइन में बताया कि 17 मई 2022 को संजू निवासी शीतलपुर ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर रामसेवक निवासी भगीपुर सहित तीन लोगों को नामजद कर मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि खेमका पेट्रोल पंप पर बने केबिन में उनके भाई सेल्समैन रामनरेश (46) की गले में केबिल का फंदा डालकर हत्या कर दी थी। आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई। इसका गहराई से विश्लेषण करने के बाद स्थानीय पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्ष पर संदेह हुआ और पुलिस का शक गहरा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में लखनऊ से मेडिकोलीगल एक्सपर्ट की राय मांगी तथा घटनास्थल की पुन: संरचना के लिए आगरा एक्सपर्ट तकनीकी यूनिट सहयोग प्राप्त किया गया। इनसे प्राप्त विश्लेषण रिपोर्ट में आत्महत्या होना पाया गया।
एसएसपी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करते समय जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने गलत तरीके से रिपोर्ट तैयार की थी। जिसमें हत्या का होना दर्शाया गया था। चिकित्सकों की ओर से किए गए कृत्य के बारे में शासन को कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।
जिला में सबसे पहले थाना मिरहची क्षेत्र स्थित गांव दतेई में एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला था, इसकी पीएम रिपोर्ट हत्या करना दर्शा गई थी। इसके बाद शहर के मोहल्ला भगीपुर निवासी एक व्यक्ति का शव टीपी नगर पुलिस चौकी पर लटका मिला था। तीसरा यह मामला है। तीनों में ही पुलिस ने पीएम रिपोर्ट को गलत साबित किया है और हत्या को आत्महत्या होना बताया है।