एटा/सकीट/मारहरा। प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों के कायाकल्प पर अपना पूरा जोर लगाए हुए है, लेकिन परिषदीय स्कूलों में फर्नीचर के अभाव में बच्चे टाट पट्टी पर बैठ रहे हैं। अमर उजाला टीम ने इसकी पड़ताल की। जहां हकीकत सामने आई।
जिले में 1691 परिषदीय स्कूल संचालित है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर पर बच्चे बैठे इसके निर्देश है, लेकिन जिले में स्थिति ठीक इससे विपरीत है। यहां कई उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐसे है जहां बच्चे जमीन पर बैठ रहे है या फिर स्कूलों में छात्र संख्या के सापेक्ष उन्हें फर्नीचर नहीं मिला है। जबकि सरकार की ओर से कायाकल्प योजना पर जोर दिया जा रहा है। इसके बावजूद स्थिति ऐसी बनी हुई है।
मारहरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव नगला परसी में संचालित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 68 बच्चे पंजीकृत है। शासन से यहां बच्चों के बैठने के लिए 11 बैंच उपलब्ध कराई गई है। इन पर 44 बच्चे बैठते हैं। यहां 24 बच्चे टाट पट्टी पर बैठते हैं। प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने बताया अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जा चुकी है।
सकीट ब्लॉक क्षेत्र के गांव नगला गंगी में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 76 बच्चे पंजीकृत है। यहां बच्चों के बैठने के लिए सिर्फ पांच बैंच दी गईं है। जहां बीस बच्चे बैंच पर बैठते है। जबकि 56 बच्चे जमीन पर बैठने को मजबूर हैं। प्रधानाध्यापिका रेनू ने बताया फर्नीचर के संबंध में अधिकारियों को बता दिया गया है।
स्कूलों में फर्नीचर पहुंच रहा है। यू डायस से पुरानी छात्र संख्या शासन को भेजी गई थी। इसके बाद छात्र संख्या में इजाफा हो गया। इसलिए समस्या आ रही है। जिन स्कूलों में फर्नीचर कम है वहां भी पूरा कराया जाएगा। - संजय सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी