परिवार में खुशियां थीं, शाम को बैंडबाजा बजना था। दुल्हन के हाथों में मेहंदी लगी थी। घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे। दोपहर को यह खुशियां एकाएक मातम में बदल गईं।
भाई की सड़क हादसे में मौत की खबर सुनते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि रस्मों की औपचारिकताओं के बीच शादी कराने का निर्णय लिया गया।
सड़क हादसे जान गंवाने वाले औरंगाबाद निवासी प्रदीप के घर खुशियां थीं। शाम को बहन निधि की शहनाई की पूरी तैयारियां थीं। भाई दौड़ कर बहन की शादी की तैयारियों में जुटा था। दिल्ली से बारात आ रही थी। जब सड़क हादसा हुआ तब बरात अलीगढ़ आ चुकी थी। लेकिन एक पल में यह खुशियां मातम में बदल गईं।