फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूजा कर नाग देवता को चढ़ाया दूध

Wed, 19 Aug 2015 06:24 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
विज्ञापन
विज्ञापन
नाग पंचमी का पर्व बुधवार को श्रद्धाभाव से मनाया गया। जहां महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना की, वहीं दान पुण्य कर नागदेवता को दूध चढ़ाया। सपेरों की भी बीन गली मोहल्लों में गूंजती रही।
विज्ञापन

बुधवार को घरों में मिट्टी के नाग बनाकर महिलाओं ने पूजा-अर्चना की गई। गली-मोहल्लों में दिन भर सपेरों की टोली घूमती नजर आई। विभिन्न प्रजातियों के सर्पों को लोगों ने पास से देखा। आकर्षण का केंद्र कोबरा एवं दुमई बने रहे। कासगंज में कच्चे दूध में कोयला घिसकर दीवाल पर नागदेवताओं की आकृति बनाई गई। प्रभु पार्क में परंपरागत तरीके से नाग की पूजा के लिए सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। दूध पीपल की जड़ों में चढ़ाया।  

बीज परीक्षण के लिए बोई जाती थीं भुजरियां
कासगंज। मृदा और बीज परीक्षण के लिए अलग अलग खेतों से मिट्टी को लेकर भुजरियां बोई जाती थीं। इससे जहां किस खेत की मिट्टी अच्छी है उसका पता चलता था, वही बीज किसका अच्छा है यह भी पता चल जाता था। जिस खेत की मिट्टी अच्छी होती थी, उसे ही खेती के लिए उपयोग में लाया जाता था। भुजरियां बोने की परंपरा अभी तक चली आ रही है, लेकिन इसका स्वरूप अब बदल गया है। अब लोग पार्कों आदि से मिट़टी लाकर गेहूं और जो को किसी मिट्टी के बर्तन में बोते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें