एटा। सावन माह में भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। सोरों और कछला घाट से कांवड़ भरकर लौट रहे महिलाओं की जज्बा देखने लायक है। पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी कांवड़ यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। महिलाएं लंबी दूरी तय कर कंधों पर कांवड़ उठाए पूरे उत्साह और भक्ति के साथ गंगा जल लेने पहुंच रही हैं।
मध्य प्रदेश, आगरा, फिरोजाबाद समेत कई दूर-दराज के क्षेत्रों से आई महिला कांवड़ियों की भीड़ चल रही है। महिलाओं ने विधि-विधान से मां गंगा की पूजा-अर्चना की और गंगाजल भरकर अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई हैं। उनके चेहरों पर थकान की बजाय शिवभक्ति का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। फिरोजाबाद की महिला कांवड़ियां सुनीता कुमारी का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल पुरुषों तक सीमित नहीं है।
भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और विश्वास उन्हें हर वर्ष इस कठिन यात्रा के लिए प्रेरित करता है। कई महिलाएं परिवार के सदस्यों के साथ तो कई समूह बनाकर यात्रा कर रही हैं। रास्ते भर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। सावन में गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही विश्वास महिलाओं को भी कठिन यात्रा करने का संबल देता है।
सोमवार को भगवान का जलाभिषेक करेंगे अभी दो दिन ओल लगेंगे अपने गांव के शिवालयों में पहुंचने के लिए। तीसरी बार कांवड़ लेने आई हूं भगवान के जयकारों से सफर आसान हो जाता है। - सीमा कुमारी, फिरोजाबाद
गंगा घाट से कांवड़ लेकर अपने गांव जा रही हूं भाई व पिता साथ हैं रातभर चलने के बाद सुबह एटा पहुंची हूं सोमवार को सुबह गांव में मौजूद शिवालय पर भगवान के जलाभिषेक करूंगी। - शिखा, जसराना
शिखा कुमारी
शिखा कुमारी