एटा। मेडिकल कॉलेज के गायनिक विभाग में सिजेरियन प्रसव के बाद प्रसूता की मौत हो गई। वहीं परिजन ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के आजाद कॉलोनी निवासी सचिन ने अपनी पत्नी सुलेखा (19) को शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में सिजेरियन प्रसव कराने के लिए भर्ती किया था। इस दौरान प्रसूता ने एक लड़के को जन्म दिया। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे गायनिक वार्ड में भर्ती कर दिया। प्रसव के पांच घंटे बाद महिला को दौरे पड़ गए। इससे उसके मुंह से झाग निकलने लगा। थोड़ी देर बाद हालात गंभीर हो गई।
मेडिकल कॉलेज में उसका उपचार जारी रहा लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उसे ऑक्सीजन लगाई गई और चिकित्सकों ने सीपीआर भी दिया लेकिन थोड़ी देर बाद उसने दम तोड़ दिया। गायनिक विभागाध्यक्ष डॉ. साधना सिंह ने बताया कि परिजन महिला का प्रसव कराने के लिए समय से 13 दिन बाद आए थे। उसके बाद भी सिजेरियन प्रसव के दौरान कोई दिक्कत नहीं हुई। वहीं परिजन ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया।
एक साल पहले हुई थी शादी
सचिन की एक साल पहले शादी हुई थी। उसकी यह पहली संतान थी। प्रसव के बाद पत्नी की मौत होने के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
मेडिकल कॉलेज के गायनिक विभाग में महिला का सिजेरियन प्रसव सफल हुआ था। करीब 5 घंटे बाद उसे दौरे पड़ने लगे। इस दौरान उसके मुंह से झाग निकलने लगा। थोड़ा झाग उसके मुंह में जाने से उसकी मौत हो गई। -डॉ. सुरेश चंद्रा, सीएमएस