बुधवार को मौसम बदला नजर आया। कोहरे ने भी दस्तक दे दी है। सुबह नौ बजे तक शहर कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। इससे तापमान में भी गिरावट आई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी तरफ गरीबों व बेसहाराओं को ठंड से बचाने के लिए पालिका व प्रशासन ने कोई इंतजाम नही किए हैं। न अभी तक रैन बसेरा बना है न ही अलाव की कोई व्यवस्था हुई है।
इस बार ठंड देरी से शुरू हुई है। दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक मौसम में गरमी देखी गई। सुबह शाम की ठंड थी, इसके चलते वूलन बाजार भी ठंडा पड़ा था। व्यापारी चिंतित थे। लेकिन बुधवार को मौसम में अचानक करवट बदली। सुबह जब लोगाें की आंख खुली तो चारों ओर कोहरे की चादर छाई हुई थी। बच्चे भी स्कूल कोहरे में ही होकर निकले। इस दौरान जीटी रोड से गुजरने वाले वाहन लाइट जलाकर गुजरते हुए दिखाई दिए। सुबह नौ बजे तक कोहरा पड़ता रहा। इसके बाद धूप निकली।
इसके चलते लोगों को भी अब ठंड का अहसास होने लगा है। दो दिन पहले तक अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस था। नगरपालिका अध्यक्ष राकेश गांधी का कहना है कि अब सर्दी शुरू हुई है। जल्द ही बस स्टैंड पर रैन बसेरा की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही जगह-जगह अलाव जलवाए जाएंगे।
किसानों के चेहरों पर आई चमक
एकाएक गिरे तापमान ने किसानों के चेहरे की चमक लौटा दी है। उनके अनुसार गिर रहे तापमान से गेहूं, मटर, मसूड़ आदि की फसलों में अच्छी पैदावार होने की उम्मीद बंधी है। वहीं, कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ज्यादा पाला न गिरे तो यह मौसम खरीफ की फसलों के लिए काफी अनुकूल है।
गत दिनों से मौसम में गर्मी के चलते किसान खासे चिंतित थे। किसानों को रबी की फसल की चिंता सताने लगी थी, लेकिन पिछले दो दिनों से बढ़ी सर्दी ने किसानों को कुछ हद तक राहत प्रदान की है। दरअसल आलू की अगैती फसल की खोदाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में बढ़ते तापमान की वजह से किसान आलू के रखरखाव को लेकर भी चिंतित थे। इसके चलते किसान उनको जल्द से जल्द मंडी पहुंचा रहा था,
अब कम होते तापमान की वजह से किसान आलू को अपने पास सुरक्षित रख सकता है। इसके अलावा बढ़ते तापमान की वजह से मटर की फसल भी उखड़ने की कगार पर थी। वहीं गेहूं के लिए भी किसान अतिरिक्त सिंचाई की व्यवस्था करने लगे थे। कृषि विशेषज्ञ सुधीर तौमर के अनुसार यह मौसम रबी की फसल के लिए काफी अनुकूल है।