एटा। अस्पतालों में मरीजों को सर्दी से बचाने के इंतजाम नाकाफी हैं। पतले कंबलों के सहारे मरीज रात गुजारने को मजबूर हैं। वहीं चिकित्सकों के कक्षों में रूम हीटर लगे हैं। जिला महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताएं सर्दी में ठिठुरने को मजबूर हैं। सोमवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता कुमारी अपने कक्ष में बैठी मरीजों को देख रही थी। उनके कक्ष में हीटर चल रहा था, जबकि दो वार्डों में भर्ती प्रसूताएं सर्दी से ठिठुरती मिलीं।
प्रसूता शिवानी, प्रियंका, लक्ष्मी आदि ने बताया कि वह रविवार से यहां भर्ती हैं। गेट बंद कर लें तो अंदर सर्दी कम लगती है। खुला होने पर सीधी हवा अंदर आती है। प्रसूताओं के परिजनों ने बताया कि अस्पताल से सिर्फ एक पतला कंबल मिला है। इससे सर्दी नहीं रुकती, घर से रजाई लानी पड़ी है। अस्पताल में प्रसूताओं को गर्म पानी देने के आदेश है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
एक दो दिन में लग जाएंगे हीटर
दिसंबर के शुरुआत में ही वार्डों में हीटर लगवा दिए गए थे। कुछ हीटर खराब हैं, वह ठीक कराए हैं। एक-दो दिन में लगवा दिए जाएंगे। प्रसूता जितने कंबल मांगें उसे उतने कंबल दिए जाते हैं।
- डॉ. प्रदीप कुमार, सीएमएस महिला अस्पताल।
सर्दी में बढ़े दमा, खांसी के मरीज, अस्पताल में कफ सीरप खत्म
एटा। सर्दी बढ़ने से दमा व खांसी के मरीज बढ़ने लगे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के पहुंचे। अस्पताल में पिछले दो माह से कफ सीरप नहीं है। कड़ाके की ठंड के बावजूद अस्पताल में सोमवार को 1060 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। यहां फिजीशियन कक्ष में मरीजों की लंबी कतार लगी रही।
चिकित्सक देवेंद्र यादव के बताया कि मौसम में बदलाव से सर्दी, खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सोमवार को उन्होंने 260 मरीजों को देखा। इनमें से 120 से अधिक मरीज वायरल बुखार व दमा से पीड़ित निकले। सीएमएस डॉ. आरके अग्रवाल ने बातया कि अस्पताल से 15 दिन पहले ही कफ सीरप की डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द की सीरप के आने की उम्मीद है।