नगर पालिका की मानें तो होली के दिन शुक्रवार को सामान्य दिनों की अपेक्षा शहर में तीन गुने पानी की आवश्यकता होती है। वहीं, पालिका के पास शहर में पर्याप्त पानी की सप्लाई के लिए आवश्यक संशाधन भी मौजूद नहीं हैं। ऐसे में पालिका का कहना है कि उसे धूल वाले दिन यदि 24 घंटे बिजली मिल जाए तो वह पर्याप्त मात्रा में पानी सप्लाई करने में सफल हो सकती है।
बता दें कि शहर में एक लाख से अधिक की आबादी है। पालिका के अनुसार एक व्यक्ति को सामान्य दिनों में लगभग 75 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। लेकिन, होली पर पानी की बर्बादी की वजह से यह मांग तीन गुना तक बढ़ जाती है। ऐसे में पालिका के सामने शहर में पर्याप्त मात्रा में पानी की सप्लाई करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। पालिका की मानें तो विद्युत विभाग से होली पर्व पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग की गई। कम संशाधन के चलते पालिका की रणनीति है कि वे गुरुवार की रात से लगातार पानी की सप्लाई करेंगे। इससे उनका मानना है कि लगातार सप्लाई से पानी की किल्लत नहीं हो पाएगी। इससे यह तो स्पष्ट है कि पानी की सप्लाई बहुत हद तक बिजली की आपूर्ति पर निर्भर करेगी।
पालिका के पास मौजूद संशाधन
वर्तमान में पालिका के संशाधनों की स्थिति यह है कि आधे से ज्यादा नलकूप और ओवरहेड टैंक खराब पड़े हैं। ऐसे में पालिका के सामने शहरवासियों की आवश्यकता के हिसाब से पानी उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती होगी। बता दें कि पालिका के मेहता पार्क, जलकल कंपाउंड, कलक्ट्रेट, विक्टोरिया पार्क व वनगांव रोड के ही ओवर हेड टैंक ही चालू हैं। इधर, 24 नलकूपों में से सिर्फ 11 नलकूप ही चालू हैं।
विद्युत विभाग से 24 घंटे बिजली सप्लाई करने की मांग की है। पानी की सप्लाई लगातार की जाएगी। इससे पानी की किल्लत नहीं हो पाएगी।
- सोबरन सिंह, जलकल प्रभारी