राजा का रामपुर। दिल्ली के ओखला में ऑक्सीजन सिलिंडर के फटने से मौत का शिकार हुए मोहित का शव बृहस्पतिवार की देर रात को पैतृक गांव गढ़िया जगन्नाथ पहुंचा। शव पहुंचते ही पत्नी गश खाकर गिर पड़ी, पिता फफक-फफक कर रो पड़े। मोहित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, मां का करीब 15 वर्ष पहले निधन हो चुका है।
मोहित सिंह राठौर के पिता कर्मवीर सिंह बेटे की मौत के बाद एकदम टूट गए हैं क्योंकि करीब बीस दिन पहले टाइफाइड से पीड़त होने पर मोहित ने उनको दिल्ली बुलाकर उपचार कराया था।
हादसे से पहले 5 सितंबर को कर्मवीर दिल्ली से वापस आए थे। मोहित का शव पहुंचते ही गांव में चीत्कार मच उठी, पत्नी रूबी शव वाहन को देखते ही उसकी ओर दौड़ पड़ी, चार कदम चलते ही दोनों बेहोश होकर गिर पड़ी। मोहित की मौत से पत्नी बार-बार बेहोश हो रही है। मोहित की मौत से 11 वर्ष की बेटी पूर्वी और आठ वर्ष का बेटा कार्तिक का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
पत्नी की मौत के बाद इकलौते बेटे की मौत से कर्मवीर सिंह पूरी तरह टूट गए हैं। ग्राम प्रधान अखिलेश सिंह राठौर ने बताया मोहित आठ वर्ष से दिल्ली में काम कर रहा था।
उन्होंने बताया कि विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मोहित के शव के चिथड़े उड़ गए। मोहित के शव का शुक्रवार की सुबह कंपिल के अटैना गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। मोहित के शव को उनके आठ वर्ष के बेटे कार्तिक को मुखाग्नि देते समय वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंख नम हो गई।