एटा। थाना मिरहची के रामई ईंट भट्ठा पर काम करने वाली एक मजदूर ने चूहेमार दवा खाली। हालत बिगड़ने पर बेटा उसको लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। यहां उपचार के दौरान मजदूर की मौत हो गई। बेटे ने बताया कि 6 माह पूर्व गांव में कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जा कर लिया था। जिसके चलते पिता ने बृहस्पतिवार को चूहेमार दवा निगल ली।
गांव धनमा जिला नवादा बिहार निवासी सिकंदर ने बताया कि गांव में हमारी थोड़ी सी जमीन है। जिस पर खाने के लिए अनाज पैदा करते हैं। यहां मिरहची थाना क्षेत्र में रहकर अलग-अलग ईंट भट्ठों पर काम करते हैं। करीब 6 महीने पहले गांव के ही कुछ लोगों ने हमारी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। जिसकी वजह से पिता जगदेव (58) मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे। इसी वजह से अक्सर वह काम कम करते थे और हर वक्त मानसिक तनाव में रहते थे।
बृहस्पतिवार की सुबह उन्होंने घर पर रखी हुई चूहेमार दवा खाली। हालत बिगड़ने पर उनको लेकर हम मेडिकल कॉलेज आए। यहां चिकित्सक ने उपचार शुरू किया, लेकिन, कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई। सीओ सदर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी पर पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची। वहां मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच-पड़ताल की जाएगी। संवाद