अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं में ब्लैक बोर्ड प्रश्नपत्र और कापियों के पन्ने उत्तर पुस्तिकाओं का काम कर रहे हैं। फंड नहीं आने और परीक्षा सामग्री के अभाव में केवल खानापूरी की जा रही है। परीक्षा में भी शिक्षक तक समय से नहीं आ रहे हैं। गुरुजी के नहीं आने पर छात्र खेल में लगे हैं उन्हें परीक्षा तक की जानकारी नहीं है।
टियाली गेट स्थित प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालय में सवा नौ बजे शिक्षक नहीं पहुंचे थे। ऐसे में परीक्षार्थी उछलकूद करते दिखे। बच्चों के अनुसार हाथ से कागज पर लिखे प्रशभनपत्र से कई छात्र-छात्राएं कापी के पन्नों पर उत्तर लिखते हैं।
बापू विद्या मंदिर में आधे बच्चे मौजूद थे। शिक्षक ने बताया कि बाजार में उपलब्धता नहीं होने के चलते एक पेपर कागज पर लिखा गया है। अन्य पेपर निजी खर्च पर बाजार से मंगाए हैं।
होली मोहल्ला स्थित तकिया पर संचालित विद्यालय का बुरा हाल है। शिक्षक के अभाव में दर्जनों बच्चे लौट गए। परीक्षा तो दूर उनकी पढ़ाई तक नहीं हो पा रही। अभिभावकों का कहना था कि शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे हैं।
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कैलाश गंज स्थित विद्यालय में सवा दस बजे पहुंची अमर उजाला टीम को शिक्षक शिक्षिकाएं गायब मिले। बच्चे परिसर में ही गिल्ली-डंडा खेलते दिखाई दिए। परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी ही छात्रों को नहीं थी।
शिकोहाबाद रोड स्थित नगर क्षेत्र के यूनीवर्सल स्कूल में छात्र-छात्राएं थे और न ही शिक्षक थे। स्कूल के मुख्य द्वार पर शराब की खाली बोतल पढ़ी थीं। पूछने पर लोगों ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के चलते शिक्षक नहीं आए हैं।
-भगीपुर स्थित परिषदीय विद्यालय में साढ़े दस बजे बच्चे झाड़ू लगाते मिले। वहीं मेडम गोद में बच्चा खिला रही थीं। पूछने पर टीचर का कहना था कि बच्चे सफाई कर रहे हैं तो क्या। पीएम मोदी भी तो झाड़ू लगाते हैं।