विधान सभा चुनाव में जनता ने इकतरफा भाजपा को समर्थन दिया और जिले में चारों सीटों पर उसी के विधायक चुनकर लखनऊ भेजे। अपेक्षाएं और उम्मीदें हजार तो केंद्र और प्रदेश में भाजपा की ही सरकार। जनता की कसौटी पर होंगे विधायकों के कार्य। विधायकों पर जनता की आस को विकास में बदलने का जिम्मा है। अब देखने वाली बात है कि जनता की उम्मीदों पर विधायक कितना खरे उतरते हैं? आइए डालते हैं एक नजर जिले की कुछ समस्याओं पर।
एटा विधानसभा: शिक्षा, सुरक्षा और विकास की दरकार
एटा को अब तक सुविधाओं के नाम पर बस झुनझुना मिला है। हर सुविधा के लिए आगरा और अलीगढ़ की दौड़ लगाकर जनता थक चुकी है। जिले में ट्रॉमा सेंटर, मेटरनिटी विंग को लेकर पहल हुई, लेकिन काम अधूरा रहा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल की खासी जरूरत है। इंजीनियरिंग और एमबीए जैसी पढ़ाई के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों का अभाव है। राजमार्ग पर जाम की समस्या से निपटने के लिए सड़कों, बाईपास और सुंदरीकरण का काम बेहद जरूरी है। डाक्टर अरुण राजौरिया कहते हैं कि समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधि को बेहतर पहल करने की जरूरत है।
मारहरा विधानसभा: माचुआ रजबहा को पानी की दरकार
वर्ष 2016 में बने माचुआ रजबहा में पानी नहीं आना एक बड़ी समस्या है। क्षेत्र के किसान रजबहे के लिए अधिग्रहीत हुई जमीन के मुआवजे और पानी के लिए तरस रहे हैं। परिवहन व्यवस्था, तकनीकी शिक्षा संस्थानों का अभाव बड़ी बाधा है। दरगाह खानकाहे बरकातिया को सूफी सर्किट बनने की आस है। राजेश आर्य कहते हैं क्षेत्र की समस्याओं से निजात पाने के लिए नई सरकार से काफी उम्मीदें हैं।
अलीगंज विस: शराब और समस्याओं से लड़ रही जंग
अलीगंज विस को अवैध शराब कारोबार से निजात मिलने की दरकार है। क्षेत्र में रोडवेज बस स्टैंड निर्माण की मांग अब तक अधूरी है। उद्योग ठप पड़े हैं। ब्लॉक जैथरा में तमाम मार्ग आज भी जर्जर हैं। राजा का रामपुर के सरकारी अस्पताल में चार साल से डाक्टर नहीं है। तंबाकू की फसल प्रतिकूल मौसम के चलते 40 फीसदी तक बर्बाद हो चुकी है, किसानों को राहत की उम्मीद है। डा. बिजेंद्र सिंह राठौर का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से उम्मीदें हैं। अलीगंज विस क्षेत्र को विकास के पंख लगेंगे।
जलेसर विस: खस्ताहाल डगरों पर हिचकोले खाता विकास
टूटी सड़क, बड़े-बड़े गड्ढ़े और हिचकोले भरते वाहन। सांझ ढलते ही वाहनों की आवाजाही बंद हो जाती है। पूरे देश में घुंघरू-घंटी उद्योग खनक पहुंचाने वाले क्षेत्र को परिवहन व्यवस्था की दरकार है। वहीं खारे पानी की समस्या ने किसानों की हालत बिगाड़ दी है। खारा पानी होने से जमीन उपजाऊ नहीं है। मुंसिफ कोर्ट की स्थापना और पर्यटन स्थल पटना पक्षी बिहार को विकास होने की उम्मीद है। अधिवक्ता जयशंकर गौड कहते हैं कि क्षेत्र के विकास को लेकर जनप्रतिनिधि पर अहम जिम्मेदारी है। इनके पूरे होने की आस है।