शीत गृहों में भंडारण के लिए चल रही वेटिंग
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आलू भंडारण के लिए किसानों को धक्का-मुक्की करनी पड़ रही है। आलू लेकर वे दिन-दिनभर शीतगृह के सामने अपनी बारी के इंतजार में खड़े रहने को मजबूर हैं। दिल्ली की मंडी में पंजाब के आलू की आवक बढ़ने यूपी के आलू को भाव नहीं मिल पा रहा। इससे किसान भंडारण में जुटे हैं। जिस तरह से शीतगृहों के सामने आलू भरे वाहनों की भीड़ है। उससे साफ है कि होली तक सभी भंडारगृह फुल जाएंगे, तब किसानों को भंडारण की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है।
बता दें कि जिले में आलू की पैदावार इस साल कोल्ड स्टोरेज की क्षमता से दो लाख क्विंटल अधिक हुई है। ऐसी स्थिति में पूरे आलू का भंडारण शीतगृहों में नहीं हो पाएगा। इसे देखते हुए किसान आलू की खुदाई कराते ही उसे लेकर भंडारण के लिए शीतगृह पहुंच रहे हैं। शीत गृहों के सामने भी आलू भरे वाहनों की कतारें लगी हैं। इससे किसानों को 12-16 घंटेे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि होली तक जिले के सभी शीत गृह फुल होने के हालात बन रहे हैं। ऐसी स्थिति में किसानों को आलू औने पौने दाम में बेचना पड़ेगा। वहीं दिल्ली की मंडी में भी यूपी के आलू को पूरा भाव नहीं मिल रहा। वहां पंजाब का आलू बड़ी मात्रा में पहुंच रहा है। जिससे यहां के किसान, व्यापारी परेशान हैं। किसान जगदीश ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज में भी भंडारण की धक्का-मुक्की बनी है। ऐसे में इस बार आलू के किसानों को तमाम समस्याएं झेलनी होगी। उपज की सही कीमत नहीं मिलने से उन्हें घाटा भी होगा।