एटा। पढ़ाई छोड़ चुके (आउट ऑफ स्कूल) बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए स्वयंसेवी नियुक्त किए जाएंगे। इसमें सेवानिवृत्त शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी। जिले में 193 विद्यालयों के 338 बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाना है।
भीख मांगने, निर्माण कार्य, मजदूरी या अन्य कारणों से ये बच्चे स्कूलों से दूर हैं। विशेष प्रशिक्षण के जरिए इन्हें दोबारा विद्यालयों से जोड़ा जाएगा। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत शारदा पोर्टल के माध्यम से 7 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को चिह्नांकन किया जाता है जो 45 दिन से अधिक समय से बिना किसी सूचना के स्कूल नहीं आ रहे हैं।
उन्हें आउट ऑफ स्कूल माना गया है। बताया कि पिछले साल चिह्नित 338 छात्रों को पढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इसके लिए बीएड, डीएलएड व बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवी को हर माह 4 हजार रुपये मानदेय भी दिया जाएगा।