मौसम परिवर्तन से एटा में बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतें हो रही हैं। मारहरा कस्बा की बुखार पीड़ित 11 वर्षीय बालिका की आगरा के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। वहीं निधौली कलां के गांव होर्ची में एक बालक ने भी बुखार से पीड़ित होने पर दम तोड़ दिया। इतना ही नहीं मारहरा क्षेत्र के आसपास के गांव में 20 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं।
कस्बा के मोहल्ला मीरा की सराय निवासी तालेवर सिंह की 11 वर्षीय पुत्री रश्मि को करीब पांच दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने प्राथमिक उपचार स्थानीय निजी क्लीनिक से कराया। यहां आराम नहीं मिलने के बाद उसे कासगंज स्थित निजी क्लीनिक पर ले गए। वहां से भी उसे आगरा रेफर कर दिया गया। जहां एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार की रात लगभग 11 बजे उसने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को बच्ची का शव घर लाया गया। बुखार से बच्ची की मृत्यु के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई।
वहीं मारहरा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। गांव त्रिलोकपुर, रसीदपुर माफी एवं नगला गहराना में बुखार पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विकासखंड निधौली कलां क्षेत्र के गांव होर्ची निवासी धर्मेंद्र कुमार के 10 वर्षीय पुत्र प्रतीक उर्फ प्रिंस की बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र परिवार सहित दिल्ली में रहता था। करीब 6 दिन पहले उसके बेटे को बुखार आ गया। निजी क्लीनिक पर उपचार कराया लेकिन आराम नहीं मिला। शुक्रवार को उसके बेटे ने बुखार से दम तोड़ दिया। परिजन उसे लेकर गांव पहुंचे। लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बुखार के लक्षण
थकान, सांस तेजी से लेना, सिर में दर्द कुछ इस तरह के बुखार पीड़ितों में लक्षण दिखाई दे रहे हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि इन लक्षणों के दिखने पर देरी न करें, तत्काल ही अस्पताल में मरीज को दिखाएं।