एटा। वायरल बुखार इस बार लोगों को चिकनगुनिया की तरह ही दर्द दे रहा है। बुखार आने के बाद पैर और हाथों में दर्द व सूजन आ रही है। स्वस्थ होने में 15 दिन तक लग रहे हैं, इसके बाद भी दर्द पूरी तरह नहीं जा रहा।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की बात करें तो यहां प्रतिदिन 600 से 700 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें से 50 प्रतिशत मरीज बुखार के पीड़ित रहते हैं। मरीजों का कहना है कि बुखार के बाद शरीर में दर्द होने से चलना भी मुश्किल हो रहा है। बृहस्पतिवार को दवा लेने आई शहर की कांशीराम कॉलोनी निवासी राजवती ने बताया कि 10 दिन से बुखार आ रहा है। जोड़ों पर सूजन भी आ गई है, दर्द से परेशान हैं। चलना-फिरना मुश्किल हो गया है।
पिवारी से आए रामलखन ने बताया दिवाली से पहले से बुखार आया था। बुखार तो ठीक हो गया, लेकिन पूरा शरीर दर्द के कारण परेशान रहता है। पैरों में सूजन आ गई है। मेडिसिन विभाग में मरीजों को देख रहे चिकित्सकों ने बताया कि कुछ बुखार पीड़ितों की जांच में डेंगू की पुष्टि हो रही है। बुखार के अलावा दर्द, खांसी, जुकाम, गले में संक्रमण के भी मरीज भी आ रहे हैं। मौसम बदल रहा है ऐसे में जिन व्यक्तियों के रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। वह बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। लोगों को बचाव करने की जरूरत है। बृहस्पतिवार को 590 मरीजों का उपचार किया गया। इसमें से 280 के लगभग बुखार के मरीज रहे।
बच्ची आई डेंगू पॉजिटिव
शहर के मोहल्ला पंजाबपुरा निवासी 8 वर्षीय माहिरा को 5 दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार की देर रात आई रिपोर्ट में वह डेंगू पॉजिटिव पाई गई। उसको बच्चा वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
ऐसे करें बीमारी से बचाव
- ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें।
- मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- बुखार आने पर चिकित्सीय परामर्श और सलाह से ही दवा का सेवन करें।
- रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- खिड़कियों में जाली लगवाएं।