एटा। करीब 23 साल पहले थाना अवागढ़ में दर्ज कराए गए अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पीड़िता सहित गवाह अदालत में आरोपों से मुकर गए। ऐसे में आरोपी बनाए गए दंपती को अपर सत्र न्यायाधीश शीलवंत ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया।
दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक 15 वर्षीय किशोरी को दो लोग 27 जुलाई 2002 को कार में बैठाकर ले गए थे। बरामदगी के बाद दुष्कर्म का भी आरोप बढ़ाया गया। पुलिस ने विवेचना में लाल सिंह और इनकी पत्नी मुन्नी देवी निवासी छिबरऊ थाना बलदेव जिला मथुरा के नाम शामिल किए। लाल सिंह पर दुष्कर्म और मुन्नी देवी पर सहयोग, वैश्यावृत्ति का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। मामला दर्ज कराने वाले किशोरी के पिता की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपनी गवाही में इस तरह के सभी आरोप नकार दिए। अन्य गवाहों ने भी आरोपों का समर्थन नहीं किया। इस स्थिति में अदालत ने लाल सिंह और मुन्नी देवी को दोषमुक्त कर दिया।
पहले रिपोर्ट नहीं लिखी, बाद में लगा दी एफआर... अब कोर्ट करेगी सुनवाई
एटा। लूट और जानलेवा हमले के आरोप की रिपोर्ट लिखने में पहले सकरौली थाना पुलिस आनाकानी करती रही। अदालत के आदेश पर लिखा भी तो अंतिम आख्या (एफआर) लगा दी। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र शशि भूषण कुमार शांडिल ने इसे स्वीकार न करते हुए परिवाद दर्ज कर सुनवाई शुरू कर दी है।
अरविंद कुमार उर्फ हरेंद्रपाल निवासी बढ़नपुर कुंजमनपुर थाना सकरौली ने अदालत में प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि 14 जून 2023 को गांव के ही विजेंद्र व नागेंद्र ने घर में घुसकर उसे और उसकी पत्नी को लाठी-डंडों से पीटा। पत्नी के गले से सोने की चेन लूट ली। थाने जाने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद अदालत के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज तो की लेकिन विवेचना में मनमाने ढंग से तथ्य प्रस्तुत कर अंतिम आख्या लगा दी। अरविंद ने इस अंतिम आख्या को निरस्त करने की मांग की। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि घटना की सत्यता के बारे में न्यायालय द्वारा स्वयं जांच किया जाना उचित प्रतीत होता है। अंतिम आख्या को निरस्त करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज कर सुनवाई के लिए 3 नवंबर की तारीख लगाई है।
11 साल की बालिका से दुष्कर्म के दोषी को 30 साल की कैद
एटा। 11 साल की बालिका से राहुल निवासी बक्शीपुर थाना सकीट ने दुष्कर्म किया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सारिका गोयल ने दो साल में ही त्वरित ढंग से मामले की सुनवाई पूरी कर सोमवार को फैसला सुनाया। दोषी राहुल को 30 साल की कैद का आदेश दिया है।
पीड़िता के चाचा ने मामले की रिपोर्ट थाना सकीट में दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 20 मई 2023 को 11 वर्षीय भतीजी के साथ राहुल ने बलात्कार किया। जब भतीजी ने घटना के बारे में बताया कि आरोपी के घर पर शिकायत करने गए। राहुल ने धमकी दी कि अगर घटना की रिपोर्ट लिखाई तो जान से मार देगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना पूरी की और राहुल के विरुद्ध अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। अदालत ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित रूप से सुनवाई की। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद राहुल को दोषी पाया गया। उसे 30 वर्ष के कठोर कारावास और 55 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।