जीटी रोड स्थित सैनिक पड़ाव में लगी सब्जी की दुकान।
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एटा। लॉकडाउन के बाद भी जिले में हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। जिसकी वजह से आम आदमी की थाली से हरी सब्जी कम होती जा रही हैं। 35 रुपये के भाव बिकने वाला आलू अब 40 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है।
हरी सब्जी महंगी होने की वजह से लोग सब्जियां कम मात्रा में खरीदने लगे हैं। वहीं महिलाओं की रसोई का बजट बिगड़ता जा रहा है। कारण हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। 30 रुपये प्रतिकिलो बिकने वाली प्याज अब 50 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है। वहीं टमाटर भी महंगाई से लाल होता जा रहा है। टमाटर के दामों में 10 रुपये की वृद्धि के साथ 60 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। वहीं तोरई भी अपनी लंबाई के साथ दाम बढ़ाती जा रही है। तोरई 20 से 30 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है।
हरी सब्जी के दाम सुनकर हैरत में पड़ जाते हैं कि सब्जी खरीदें या नहीं। सब्जियों के दाम बढ़ने से किचिन का बजट भी बिगड़ता जा रहा है।
अंजलि शुक्ला, गृहिणी
हरी सब्जियों पर महंगाई से परेशान हो गए है। रोजाना सब्जियों पर दाम बढ़ रहे हैं। पता नहीं सब्जियों के दाम कब कम होंगे।
काजल चौहान, गृहिणी
आलू के उत्पादन की कमी महंगाई का प्रमुख कारण है। अगले माह से आलू के दाम में गिरावट आ सकती है क्योंकि इसका पंजाब से आयात होने लगेगा। वहीं टमाटर की पैदावार अभी जिले में नहीं है। महाराष्ट्र के कोल्ड स्टोर में रखा हुआ टमाटर में जनपद में आयात किया जा रहा है जिसकी वजह से महंगा हो रहा है। अभी एक माह तक टमाटर महंगा रहेगा।
नलिन सुंदरम भट्ट, जिला उद्यान अधिकारी
ये हैं सब्जी के दाम
सब्जी पहले दाम- अब दाम
आलू 35 40
प्याज 30 50
बैंगन 20 30
लौकी 20 25
हरी प्याज 75 80
धनिया 400 410
भिंडी 30 35