नगर में मंगलवार को भगवान महावीर के जयकारे गूंजते नजर आए। जैन संतों के आगमन पर सुबह से समाज बंधुओं में उत्साह नजर आया। जैनाचार्य सुंदर सागर महाराज और मुनि प्रमुख सागर महाराज का मिलाप हुआ। इस दौरान जगह-जगह आरती उतारकर जैन संतों की अगवानी की गई।
मंगलवार सुबह जैनाचार्य सुंदर सागर महाराज ने आगरा रोड चुंगी और मुनि प्रमुख सागर महाराज ने अलीगढ़ रोड से नगर में प्रवेश किया। गाजे-बाजे और भव्य जुलूस के साथ दोनों जैन संत घंटाघर पहुंचे। जहां दोनों श्रमण संघों का वात्सल्य मिलन हुआ। इस दौरान मुनि प्रमुख सागर महाराज ने आचार्य सुंदर सागर महाराज की वंदना की और आशीष प्राप्त किया। इसके बाद घंटाघर पर बने मंच पर राजेंद्र जैन और नगर पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी ने दोनों संतों का पाद प्रक्षालन किया। वहीं आरती उतारकर गुरु चरणों में अपनी आस्था समर्पित की।
इसके बाद मंगल प्रवेश जुलूस घंटाघर से शुरू होकर मेहता पार्क, नन्नूमल चौराहा, पुलिया गर्वी होते हुए पुरानी बस्ती बड़े जैन मंदिर पर पहुंचा। जगह-जगह धर्मप्रेमी श्रावक और श्राविकाओं ने रंगोली बनाकर और आरती उतारकर मुनिश्री का भव्य स्वागत किया। पुरानी बस्ती बड़े जैन मंदिर में धर्म सभा का आयोजन किया गया। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कि गाय स्वयं दूध नहीं देती बल्कि निकालना पड़ता है। वैसे ही धर्म का लाभ यूं ही नहीं मिलता लेना पड़ता है। हमेशा लेने का भाव रखें जिससे देने वाला मजबूर हो जाए। लेने वाला कचरे की गंदगी से भी काम की चीज ढूंढ लेता है। साधु मिलन से मिलकर रहने का भाव सीखो। ग्रहस्थ जीवन में मकान छोटा पड़े तो अलग हो सकते हैं, लेकिन मन छोटा करके अलग नहीं होना चाहिए।
मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि संत का नगर में आना सौभाग्य होता है। जब नगर में संत के चरण पड़ते हैं, तो नगर सोना-सोना हो जाता है। पंचकल्याणक में पापों का दमन होता है। इसलिए पुण्य कमाने का कोई मौका नही छोड़ना है। समिति की मीडिया प्रभारी बबिता जैन प्रेरणा ने बताया कि बुधवार से पुरानी बस्ती बड़े जैन मंदिर में जैन संतों के मंगल प्रवचन होंगे और शाम को गुरू भक्ति होगी। इस मौके पर पंचायत अध्यक्ष सुरेश चंद्र जैन, महामंत्री पदमचंद्र जैन, सर्वेश जैन, प्रदीप जैन, उमेश जैन, सुनील बांदा, विजय जैन, मुकेश जैन, संजीव जैन आदि मौजूद रहे।