शहर की लाइफ लाइन हाईवे-91 का हाल बिगड़ता जा रहा है। वाहनों की भीड़ से राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की समस्या गहराती जा रही है। वहीं अतिक्रमण, सड़क किनारे खडे़ पेड़, विद्युत पोल भी परेशानी का सबब बने हैं।
शहर के बीच से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-91 जाम से जूझ रहा है। शहर में घुसते ही माया पैलेस चौराहे से शुरू होने वाला जाम का सिलसिला अलीगंज चुंगी तक करीब दो किमी तक कायम रहता है। जाम की सबसे बड़ी वजह वाहनों की लगातार संख्या बढ़ना है। इसके अलावा अतिक्रमण से सिकुड़ती सड़कें से भी सफर में समस्या खड़ी होने लगी है। हाईवे के दोनों ओर फुटपाथ दुकानदार, ठेले वालों का कब्जा है। माया पैलेस, बस स्टैंड, क्वालिटी होटल तिराहा, कचहरी चौराहा, जिला अस्पताल, घंटाघर चौराहा, हाथी गेट का इलाका भी अतिक्रमण का शिकार है। इससे रोजाना लोग जूझते हैं। पर, नगर पालिका और जिला प्रशासन के जिम्मेदार जाम की समस्या से निजात दिलाने को कोई पहल करते नजर नहीं आते।
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सूना पड़ा ट्रांसपोर्ट नगर, सड़क पर ही मरम्मत
पालिका ने ट्रांसपोर्ट और आटो पार्ट्स व्यवसायियों के लिए ट्रांसपोर्ट नगर बनाया है। पर, वह सूना पड़ा है। इक्का-दुक्का दुकानदारों को छोड़कर व्यापारी ट्रांसपोर्ट नगर नहीं पहुंचे। वाहन मैकेनिक सड़क पर वाहन खड़ा करके ठीक करते हैं।
शहर में जाम की समस्या ई-रिक्शा और आटो के कारण बढ़ गई है। ई-रिक्शा और आटो चालक सड़क पर ही अपने वाहन रोक कर सवारियां बैठाते रहते हैं। वहीं बेतरतीब ढंग से खड़े रिक्शे भी जाम का झाम बढ़ाते हैं।
जाम से निपटने के लिए हर चौराहे पर होमगार्ड और ट्रैफिक सिपाही तैनात हैं। वाहनों के बढ़ते बोझ और अतिक्रमण से जाम की समस्या है। व्यवस्था सुधारने की लगातार कवायद चल रही है।
ब्रह्म प्रकाश यादव, यातायात प्रभारी
अतिक्रमण को लेकर अभियान चलते रहे हैं। चुनाव के चलते इन दिनों कुछ ढिलाई हो गई थी। मतदान खत्म हो गया है। जल्द ही अभियान सड़क और पटरियों पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया जाएगा।
संतराम सरोज, ईओ नगर पालिका एटा