सकीट। गांव रजपुरा में मकान के विवाद में वर्ष 1996 में दो लोगों की हत्या हुई थी। इसकी नींव भरने के दौरान विवाद होने पर दो रिश्ते के भाइयों को गोली मारी गई थीं। इस हत्याकांड में गल्ला आढ़ती मुनेश सहित पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। हालांकि तीन साल बाद न्यायालय ने इन सभी लोगों को दोषमुक्त कर दिया था, लेकिन अदालत के फैसले से दूसरा पक्ष संतुष्ट नहीं था। बृहस्पतिवार शाम इस पक्ष ने मुनेश की हत्या गोली मारकर कर दी।
वर्ष 1996 में गांव रजपुरा निवासी राकेश व प्रेम सिंह की हत्या हुई थी। आढ़ती मुनेश सहित राजेंद्र, नवीचंद्र, सतीश चंद्र व रितकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। वर्ष 1999 में न्यायालय का फैसला आया जिसमें सभी को दोषमुक्त घोषित कर दिया गया। इसके बाद से मुनेश गांव छोड़कर फिरोजाबाद जिले के जसराना के मोहल्ला गड़ीवान में रहने लगे थे। बृहस्पतिवार को उनकी चाची सूरजमुखी की मृत्यु हो गई, जिनका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। इसमें शामिल होने के लिए मुनेश गांव पहुंचे थे।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पर मुनेश के पुत्र निर्देश ने बताया कि पापा गांव आते ही नहीं थे। वह जसराना से एटा मंडी आकर आढ़त पर बैठते थे। यहां से सीधे जसराना जाते थे। बृहस्वतिवार को अंतिम संस्कार के बाद वह वापस जाने के लिए बाइक पर बैठ रहे थे। इस दौरान आरोपियों ने गोली मार दी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पिता-पुत्रों ने दिया घटना को अंजाम
मृतक के पुत्र निर्देश ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि गांव का सत्यदेव, उसका भाई रिंकू व पिता उमेश चंद्र हाथों में तमंचे लेकर आए। उन्होंने जान से मारने की नीयत से मेरे व पिता पर फायर किए। जिसमें पिता की गोली लगने से मौत हुई है। जबकि हम बाल-बाल बच गए है।
बर्खास्त सिपाही है आरोपी
ग्रामीणों ने बताया कि सत्यदेव 2006 बेच का सिपाही था। उसकी तैनाती लखनऊ में थी। जहां से उसे निलंबित कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी पर एक लूट करने का आरोप शाहजहांपुर में लगा था।
पुलिस लेती संज्ञान तो नहीं होती घटना
ग्रामीणों ने बताया सत्यदेव गांव में दबंगई दिखाता था। तीन दिन पहले उसने पूर्व प्रधान के ऊपर फायरिंग की थी। उन्होंने मामले की जानकारी थाने में दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा। इससे आरोपी के हौसले बढ़ गए और उसने श्मशान घाट पर बृहस्पतिवार की शाम अपने पिता व भाई के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दे दिया।
गांव में पसरा सन्नाटा
श्मशान पर आढ़ती की हत्या होने के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। रात को भी गांव में पुलिस तैनात रही। जबकि शुक्रवार को भी गांव में सन्नाटे की स्थिति बनी रही।