जनपद में दो और विद्युत परियोजनाओं को हरी झंडी मिल गई है। दिसंबर में केंद्र से आई टीम के सर्वे रिपोर्ट के बाद भारत सरकार ने 30 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले अल्ट्रा मेगा पॉवर प्रोजेक्ट के निर्माण की स्वीकृति दे दी है। वहीं, प्रदेश सरकार ने भी सोलर पॉवर प्लांट के लिए सकीट विकास खंड का चयन किया है। बताते चलें कि भारत सरकार की जवाहर तापीय परियोजना पूर्व से ही प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण कार्य पूरा हो चुका है।
जनपद ‘एनर्जी हब’ बनने वाला है। यहां बनने वाली बिजली से प्रदेश ही देश के अन्य प्रांत भी जगमगाएंगे। प्रतिदिन बनने वाली हजारों मेगावाट बिजली देश के विभिन्न प्रांतों में आपूर्ति की जाएगी। बताते चलें कि भारत सरकार के अति महत्वपूर्ण ‘अल्ट्रा मेगा पॉवर प्रोजेक्ट’ के लिए प्रदेश शासन द्वारा एटा एवं फीरोजाबाद जनपदों के प्रस्ताव गए थे। तत्कालीन डीएम सेल्वा कुमारी जे के प्रस्ताव के बाद भारत सरकार की सर्वे टीम ने सकीट ब्लॉक के प्रस्तावित क्षेत्र का निरीक्षण किया था। जिसकी स्वीकृति गुरुवार को शासन से मिल गई है।
प्रदेश का पहला, देश में नवां प्रोजेक्ट
विद्युत निर्माण की यह महती परियोजना प्रदेश में पहली होगी। वहीं भारत की नवीं होगी। बताते चलें कि इससे पूर्व बिहार, उड़ीसा, झारखंड, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं गुजरात में स्वीकृत हो चुकी हैं।
ये है अल्ट्रा मेगा पॉवर प्रोजेक्ट
चार हजार मेगावाट क्षमता वाले अल्ट्रा मेगा पॉवर प्रोजेक्ट के निर्माण में अनुमानित लागत 30 हजार करोड़ रुपये है। इसके लिए 2800 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। इसके लिए सकीट विकास खंड के 10 गांवों को चिह्नित कर लिया गया है। इनमें मुजफ्फरपुर हिरौंदी, शाह आलमपुर, चांदपुर, सकतपुर, मंसूरनगर, भगवंत नगर, कमालपुर मई, इशारा पूर्वी, बेला मई, नंदपुर प्रमुख हैं।
सोलर पॉवर प्लांट सकतपुर में
वहीं प्रदेश सरकार की योजना सोलर पॉवर प्लांट के लिए भी सकीट विकास खंड के गांव सकतपुर को चयनित किया गया है। 50 मेगावाट की इस योजना के लिए 48 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी।
एटा में दोनों परियोजनाओं के लिए स्वीकृति मिल गई है। सोलर पॉवर प्लांट के लिए लिखित आदेश भी आ गया है, जबकि अभी मेगा पॉवर प्रोजेक्ट का आदेश नहीं मिला है। इन परियोजनाओं के यहां शुरू होने से एटा की तस्वीर बदलेगी।
- निधि केसरवानी, जिलाधिकारी एटा।