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Etah News: बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास

Mon, 15 Jun 2026 11:24 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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एटा। वर्ष 2022 में पांच वर्ष की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या कर शव फेंकने के मामले में दो अभियुक्तों को विशेष न्यायाधीश रेप एंड पॉक्सो एक्ट प्रथम सारिका गोयल ने दोषी माना है। उन्हें आजीवन कारावास और एक लाख 90 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्तों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन पक्ष से मुकदमे की पैरवी एडीजीसी प्रदीप गुप्ता ने की। उन्होंने बताया कि कस्बा निवासी एक व्यापारी ने कोतवाली में तहरीर दी। इसमें बताया कि उनकी पांच वर्ष की बच्ची चार फरवरी 2022 की शाम को घर के बाहर खेल रही थी। वह अचानक गायब हो गई। कुछ देर बाद परिजनों ने आवाज लगाई तो बच्ची नहीं मिली। उसकी काफी तलाश की। रात करीब आठ बजे बच्ची मृत अवस्था में चक्की वाली गली में मृत अवस्था में पड़ी मिली। उसके प्राइवेट पार्ट पर भी चोट थी। गला दबाकर हत्या के बाद उसका शव यहां फेंका गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की।



कई दिन प्रदर्शन, जांच में सामने आए आरोपी
इस घटना के बाद अवागढ़ कस्बे के लोगों में उबाल देखा गया। आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे को लेकर व्यापारियों कई दिन दुकानें बंद रखकर प्रदर्शन किया। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस जांच के बाद पुलिस ने इसका खुलासा किया। आरोपी प्रिंस ओझा और रोहित बंजारा निवासी अवागढ़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। कैमरे में वह तीन-चार दिन से इलाके की रैकी और घटना के समय वहां से गुजरते हुए दिखाई दिए। विवेचना के बाद विवेचक ने उनके खिलाफ हत्या, सामूहिक दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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न्यायालय ने माना जघन्यतम अपराध
एडीजीसी के अनुसार न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना। परिस्थतिजन्य, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों के आधार न्यायालय ने इसे जघन्यतम अपराध बताते हुए आरोपी प्रिंस ओझा और रोहित बंजारा को दोषी माना है। दोनों को धारा 376डीबी में आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड, धारा 302 मेंं आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 364 में 10 वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, पोक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में 10 वर्ष कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना के साढ़े चार साल बाद आए इस फैसले पर बच्ची के परिजनों ने संतुष्टि जताई है।
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