एटा। विशेष न्यायालय रेप एंड पॉक्सो एक्ट प्रथम सारिका गोयल के न्यायालय ने नाबालिग छात्रा के साथ राह चलते छेड़छाड़ और अभद्रता करने के मामले में दो दोषियों को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें तीन-तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने वसूले गए जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया है।
जलेसर थाना क्षेत्र में 20 अक्तूबर 2022 की शाम करीब चार बजे 16 वर्षीय छात्रा अस्पताल के पास नाला बाजार से अपने घर लौट रही थी। रास्ते में सरकारी ट्यूबवेल के पास आरोपी मुन्ना और उसके साथी मोहम्मद राहत अंसारी ने छात्रा को घेर लिया और उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि ये युवक अक्सर स्कूल-कॉलेज की छुट्टी के समय सरकारी ट्यूबवेल के पास जमा रहते थे और आते-जाती छात्राओं से अभद्रता करते थे। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की। मामले की विवेचना पूरी कर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप गुप्ता ने बताया कि प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों को देखने के बाद विशेष न्यायालय रेप एंड पॉक्सो एक्ट प्रथम पे आरोपियों को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों दोषियों मुन्ना व मोहम्मद राहत अंसारी निवासी गढ़ीमान खां कस्बा जलेसर को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जेल में बिताई गई अवधि को उनकी सजा में समायोजित की जाएगी। वसूले गए अर्थदंड में से 50 प्रतिशत राशि नियमानुसार पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।