फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etah: सर्दी व बुखार से दो बच्चों की मौत,  डायरिया, निमोनिया, बुखार से पीड़ित 76 बच्चे पहुंचे अस्पताल

Sun, 01 Jan 2023 12:36 AM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

सर्दी और बुखार से शु्क्रवार को दो बच्चों की मौत हो गई। एक बच्चे को आठ दिन से बुखार आ रहा था, जबकि पांच वर्षीय बालिका को शुक्रवार को सर्दी के चलते बुखार आया और रात में मौत हो गई। दोनों बच्चे मेडिकल कॉलेज लाए गए, यहां डॉक्टरों ने जांच के दौरान मृत घोषित कर दिया। पहले भी दो बच्चों की बुखार से जानें जा चुकी हैं।
 
विज्ञापन
Etah District Hospital - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कस्बा निधौली कलां निवासी समीर खान की पांच वर्षीय बेटी जयनव की सर्दी और बुखार के चलते शुक्रवार की रात करीब एक बजे मौत हो गई। बच्ची के चाचा जमीर खान ने बताया कि शुक्रवार को ही बुखार आया था लेकिन तेज सर्दी भी थी। शाम को दवा भी दिलाई गई, लेकिन रात एक बजे तबीयत अचानक खराब हो गई। तब मेडिकल कॉलेज लेकर आए, यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार शाम करीब पांच बजे सर्जन सिंह निवासी नगला रामजीत थाना एका, फिरोजाबाद अपने आठ वर्षीय पुत्र राजा को बुखार होने पर लेकर आए। यहां इलाज शुरू होने से पहले ही बालक ने दम तोड़ दिया। 
विज्ञापन


पिता ने बताया कि सात-आठ दिन से बुखार आ रहा था। निजी चिकित्सकों से दवाएं दिलाई गईं, लेकिन आराम नहीं मिला। शाम को तबीयत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज लेकर आए, यहां मृत घोषित कर दिया। इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अनंत व्यास ने बताया कि दोनों ही बच्चों को सर्दी व बुखार परिजनों द्वारा बताया गया था। जब तक उपचार शुरू किया जाता, बच्चे दम तोड़ चुके थे। उन्होंने बच्चों को ठंड से बचाने की सलाह दी है।

ठंड के मौसम में खांसी की चपेट में आ रहे बच्चे

वायरल बुखार का असर जिले में भी देखने को मिल रहा है। सर्दी-खांसी, तेज बुखार, दम फूलना, निमोनिया जैसी बच्चों में शिकायतें आ रही हैं। निजी नर्सिंग होम में बीमार बच्चों की भीड़ देखी जा रही है। चिकित्सक अभिभावक को जागरूक रहने पर जोर दे रहे हैं। बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी परेशान हैं। पांच से छह दिन में भी बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन

शनिवार को भी कॉलेज में छह बच्चों को भर्ती किया गया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी की बात की जाए तो शनिवार को 17 बच्चे कोल्ड डायरिया, 23 बच्चे निमोनियां, 36 बच्चे बुखार के रोग के पहुंचे। डॉ. वैभव गुप्ता ने बताया बच्चों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। प्रतिदिन पांच से आठ बच्चों को बुखार सहित निमोनिया के चलते भर्ती किया जा रहा है।

बच्चों की सेहत को लेकर सावधानी जरूरी

मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि बच्चे को यदि दो दिन से अधिक बुखार आ रहा है, तकलीफ बढ़ रही है, पसली तेज चल रही है तो बिना देर किए डाक्टर से इलाज करवाएं। सामान्य बुखार दो से तीन दिन में ठीक हो जाता है। बीमारी में भी बच्चे को नियमित स्तनपान कराएं। वायरल होने पर तेज बुखार, नाक बहना, खांसी, दम फूलना, शरीर में दर्द, सिर में दर्द होना पाया जाता है। 

ये बरतें सावधानी

  • खांसते, छींकते वक्त नाक-मुंह पर रूमाल या कपड़ा रखें
  • पांच साल से ऊपर के बच्चे, बड़े सभी मास्क पहनकर रहें
  • छोटे बच्चों का नाक, गंदगी अच्छी तरह से साफ करें
  • हाथ को साबुन से जरूर धोएं
  • घर में साफ-सफाई का बहुत ख्याल रखें
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें