शनिवार को भी कॉलेज में छह बच्चों को भर्ती किया गया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी की बात की जाए तो शनिवार को 17 बच्चे कोल्ड डायरिया, 23 बच्चे निमोनियां, 36 बच्चे बुखार के रोग के पहुंचे। डॉ. वैभव गुप्ता ने बताया बच्चों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। प्रतिदिन पांच से आठ बच्चों को बुखार सहित निमोनिया के चलते भर्ती किया जा रहा है।
बच्चों की सेहत को लेकर सावधानी जरूरी
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया कि बच्चे को यदि दो दिन से अधिक बुखार आ रहा है, तकलीफ बढ़ रही है, पसली तेज चल रही है तो बिना देर किए डाक्टर से इलाज करवाएं। सामान्य बुखार दो से तीन दिन में ठीक हो जाता है। बीमारी में भी बच्चे को नियमित स्तनपान कराएं। वायरल होने पर तेज बुखार, नाक बहना, खांसी, दम फूलना, शरीर में दर्द, सिर में दर्द होना पाया जाता है।
ये बरतें सावधानी
- खांसते, छींकते वक्त नाक-मुंह पर रूमाल या कपड़ा रखें
- पांच साल से ऊपर के बच्चे, बड़े सभी मास्क पहनकर रहें
- छोटे बच्चों का नाक, गंदगी अच्छी तरह से साफ करें
- हाथ को साबुन से जरूर धोएं
- घर में साफ-सफाई का बहुत ख्याल रखें