एटा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह खुलवाए जा रहे हैं। बैंक शाखाओं की ओर से सहयोग नहीं करने पर समूह बंद करने की चेतावनी दी गई है। इसको लेकर एनआरएलएम ने बैंक के रवैया को लेकर पत्राचार किया है।
एचडीएफसी बैंक की शाखाओं में 151 स्वयं सहायता समूहों ने ऋण के लिए आवेदन किया है। 4 माह से अधिक समय बीतने के बाद भी बैंकों ने अब तक ऋण स्वीकृत नहीं किए हैं, इसकी वजह से महिलाएं स्वरोजगार के काम नहीं कर पा रही हैं। इसको लेकर एनआरएलएम में भी शिकायतें की गई और बैंक शाखाओं के चक्कर काट रही हैं। तमाम प्रयासों के बाद भी ऋण स्वीकृत नहीं हुए हैं। इसको लेकर समूह बंद करने की चेतावनी दी गई है।
उपायुक्त स्वरोजगार एनआरएलएम प्रभूदयाल ने बताया कि एचडीएफसी बैंक की चार शाखाएं जलेसर, अलीगंज व एटा में कार्यरत हैं, किसी ने भी समूह के लिए ऋण स्वीकृत नहीं किया है। इसको लेकर महिलाओं ने लिखित में समूह बंद करने की चेतावनी व बात कही है। जब कि 4 माह से अधिक समय हो गया है और एक भी ऋण स्वीकृत नहीं होना चिंता का विषय है। जबकि अपर मुख्य सचिव ने भी बैंकों को मई में पत्र जारी किया था, इसकी भी अवहेलना की जा रही है। इसको लेकर पत्राचार किया गया है।