शहर में शुक्रवार सुबह छाया कोहरा। संवाद
एटा। जिले में पिछले दो दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और गलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बृहस्पतिवार रात से लेकर शुक्रवार सुबह तक कोहरे की मोटी चादर छाई रही। दृश्यता बेहद कम रहने से सड़क पर वाहन रेंगकर चलते दिखे। ठंडी हवा व बढ़ती गलन ने लोगों को घरों में दुबके रहने पर मजबूर कर दिया।
न्यूनतम तापमान शुक्रवार को भी सामान्य से नीचे दर्ज किया गया जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि दोपहर में निकली धूप ने लोगों को कुछ राहत जरूर दी लेकिन शीतलहर का असर दिनभर महसूस किया गया। सुबह से ही ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर की मुख्य सड़कों तक घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम रहने के कारण कई वाहन चालकों को हेडलाइट्स जलाकर सफर करना पड़ा। परिवहन सेवाओं की रफ्तार भी धीमी रही। मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
आलू, मटर, गेहूं और सरसों की फसलों पर कोहरे और गलन का प्रभाव पड़ रहा है। कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि देर रात व सुबह का अत्यधिक तापमान गिरना फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय से सिचाई कर खेतों में नमी बनाए रखें ताकि पाला व कोहरे का असर कम किया जा सके।
वहीं ठंड बढ़ने के साथ ही वायरल बुखार, खांसी-जुकाम व सांस संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में पिछले दिनों की तुलना में अधिक मरीज पहुंचे। कोहरे व गलन का असर स्कूल के बच्चों पर भी पड़ा है।
शुक्रवार सुबह कई विद्यालयों में बच्चे देर से पहुंचें। अभिभावकों का कहना है कि सुबह की ठिठुरन बच्चों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है। जिले में ठंड का प्रकोप जारी रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।
शहर में शुक्रवार सुबह छाया कोहरा। संवाद