एटा। जिला मुख्यालय से एकमात्र ट्रेन का संचालन टूंडला और आगरा के लिए किया जाता है। दिवाली पर लोग घर आए और यहां रहने वाले लोगों ने आगरा में खरीदारी के लिए ट्रेन का सहारा लिया। जिसके चलते एटा-आगरा फोर्ट पैसेंजर धनतेरस से दिवाली तक 4 गुने यात्रियों से खचाखच रही।
जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन का निर्माण 1959 में ही हो गया था। इसके बाद भी यहां के लोग अभी तक सभी शहरों के लिए रेल सेवा से वंचित चल रहे हैं। जिले की जनता के साथ ही समाजसेवी संगठनों और अन्य लोगों ने व्यक्तिगत रूप से रेल लाइन विस्तार के लिए प्रयास किया। रेलवे बोर्ड ने एटा-आगरा फोर्ट पैसेंजर की शुरूआत की। यह यात्री गाड़ी सुबह 7:30 बजे यहां से प्रस्थान करती है और शाम 5:25 पर आगरा से लौटकर लगभग 8:30 बजे एटा पहुंचती है। आगरा जाने के लिए बस में एक व्यक्ति का किराया 125 रुपये है। जबकि ट्रेन से एक यात्री मात्र 25 रुपये में आगरा पहुंच जाता है।
सस्ते किराए की वजह से इस दिवाली पर लोगों ने बहुतायत में रेल यात्रा का आनंद लिया। सामान्य दिनों की अपेक्षा त्योहार पर लगभग चार गुना लोगों ने ट्रेन से यात्रा की। एक दिन में आमतौर पर लगभग 600 यात्री आवागमन करते हैं। मगर इस बार धनतेरस से दिवाली तक प्रतिदिन लगभग 2200 लोगों ने रेल सेवा का लाभ उठाया।
आज परिवहन निगम का इम्तिहान
रविवार को भैया दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों का तिलक करने के लिए उनके घर जाती हैं। तमाम भाई भी बहनों के यहां आते हैं। ऐसे में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। यह बढ़ी हुई संख्या रविवार को परिवहन निगम का इम्तिहान लेगी। एआरएम नरेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि जिस मार्ग पर जाने के लिए अधिक यात्री होंगे, उस पर तत्काल बस भेजी जाएगी। ताकि किसी सवारी को कोई असुविधा न हो।