सकीट से कांवड़ यात्रा में निकलते युवा-युवतियां।
एटा। सावन के अंतिम सोमवार पर आज भक्त भोलेनाथ के द्वार पहुंचेंगे। इसको लेकर रविवार को मंदिरों में विशेष तैयारियां की गईं। वहीं भक्तों ने पूजा-अर्चना, भगवान शिव के अभिषेक और उपवास की व्यवस्थाएं कीं। सड़कों पर पूरे दिन कांवड़ियों की सतरंगी छटा बनी रही। बम-बम भोले का घोष गुंजायमान होता रहा।
शहर के प्राचीन कैलाश मंदिर में सबसे सावन के अंतिम सोमवार को सबसे अधिक भक्तों की भीड़ रहती है। इसको लेकर यहां पर बैरीकेडिंग की गई। साथ ही बजरंग बली चौराहा और सदर तहसील से कैलाश मंदिर की ओर से जाने वाले मार्ग पर भी बैरीकेडिंग की व्यवस्था की गई हैं। मंदिर में साफ-सफाई की गई। साथ ही मंदिर को आकर्षक झालरों से सजाया गया। वहीं सुबह से कांवड़ियों के जत्थे सोरों और कछला घाट के लिए गंगाजल भरने के लिए निकलते रहे।
कांवड़ियों के जत्थों की संख्या अधिक होने की वजह से शहर में अतिरिक्त रूट डायवर्जन भी किया गया। शहर के कचहरी रोड पर वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया। वहीं पंडित दीनदयाल चौक पर भी आगरा रोड पर वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया। अंतिम सोमवार होने की वजह से पुलिस बल भी अधिक संख्या में तैनात किया गया। वहीं जगह-जगह पर कांवड़ियों के लिए शिविर भी लगाए गए हैं।
कांवड़ यात्रा मार्गों का जायजा लेते रहे एसएसपीवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह कांवड़ यात्रा मार्गों का जायजा लेते रहे। पुलिस सहायता केंद्र व शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाएं चेंक कीं। कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, थाना अवागढ़ क्षेत्र के अंतर्गत कांवड़ रूट का उन्होंने भ्रमण किया। कावंड़ियों की सुरक्षा के लिए यातायात व्यवस्था, रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग व्यवस्था, चेतावनी-सांकेतिक बोर्ड, शुद्ध पेयजल व्यवस्था आदि का निरीक्षण किया। चिकित्सकों एवं पुलिस मित्रों से बातचीत की।