एटा। राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए जिले में थंब स्कैनर को अपडेट किया जा रहा है। फर्जी थंब स्कैनिंग से राशन नहीं निकाला जा सकेगा। इस सेंसर की मदद से केवल रक्त के प्रवाह वाले अंगूठे को ही स्कैन किया जा सकेगा।
जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश कुमार गुप्ता ने शुक्रवार को बताया कि प्रदेश के कई जिलों में पीओएस मशीनों में रबड़ के अंगूठे लगाकर फर्जी तरीके से राशन लिए जाने के मामले प्रकाश में आए। इसको देखते हुए सरकार ने अब थंब सेंसर को अपडेट कराया है। इसके कारण अब रबर के फर्जी थंब लगाकर स्कैन करने के दौरान उन्हें मशीन स्कैन नहीं कर सकेगी। यह सेंसर उन्हीं अंगूठों की रेखाओं को स्कैन करेगा जिनमें रक्त संचारित होता है।
उन्होंने बताया कि जिले में सेंसर अपडेटिंग का काम तेजी से चल रहा है। जनपद में 804 दुकानें संचालित हैं। इनमें 726 ग्रामीण क्षेत्रों में वहीं 78 नगर क्षेत्र में स्थित हैं। अब तक 690 दुकानों पर सेंसर को अपडेट किया जा चुका है।