मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार कराते मरीज। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 18 घंटे के अंतराल में तीन लोगों को लाया गया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। तीनों लोगों को सांस के रोग से पीड़ित बताया गया।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार रात करीब 8 बजे भूरी सिंह (45) निवासी अवागढ़ को परिजन लेकर आए। भाई राकेश ने बताया कि उन्हें कई दिनों से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। फेफड़ों में संक्रमण से उनका उपचार एम्स दिल्ली में चल रहा था। 15 दिसंबर को ही उन्हें घर पर लेकर आए थे। शुक्रवार शाम को उनकी नाक से खून आने लगा और सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी।
शनिवार सुबह करीब 8 बजे राशिद खान (55) निवासी सहदपुर को परिजन इमरजेंसी में लेकर आए। भतीजे जाहिद हुसैन ने बताया कि उन्हें कई दिनों से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। शनिवार को काफी दिक्कत होने पर परिजन इमरजेंसी लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। धनदेवी (50) निवासी कासिमपुर कुठिला को शनिवार दोपहर 2 बजे लाया गया। पति भगवान स्वरूप ने बताया कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।